यूजीसी रेगुलेशन लागू करो, बिहार में SC /ST /EBC /BC के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण लागू करो नारों के साथ समता कन्वेंशन आयोजित।

18 मार्च को पटना में होगा समता महाजुटान और राजभवन मार्च, जिले से शामिल होंगे हजारों छात्र-युवा।
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 15 मार्च। ऑल इंडिया फोरम फॉर इक्विटी व यूजीसी रेगुलेशन समता आंदोलन, भोजपुर चैप्टर द्वारा आयोजित समता महाजुटान और मार्च के समर्थन में आज वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के राधाकृष्णन सभागार में समता कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कन्वेंशन में पूर्व विधायक, अजित कुशवाहा, JNU की शोध छात्रा व आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा जो यूजीसी रेगुलेशन के समर्थन में और जेएनयू वीसी की जातिवादी बयान के खिलाफ जेएनयू में चल रहे आंदोलन का नेतृत्व करते हुए जेल भेजे गए 14 जेएनयू छात्र- छात्राओं में शामिल थी। किसान नेता राजू यादव, इंसाफ मंच के नेता क्यामुदीन अंसारी, राजद के युवा नेता शैलेन्द्र, आरवाइए के जिला अध्यक्ष विशाल, सचिव निरंजन केशरी, सहित सैकड़ो छात्रा युवा शामिल थे।
आइसा राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा ने कहा कि भारतीय सामंती समाज व्यवस्था में वर्ण-जाति के आधार पर विशेषाधिकार व भेद-भाव की संस्कृति, विचार, व्यवहार, शोषण, अत्याचार एक वास्तविक सच्चाई है और यह यूजीसी रेगुलेशन 2026 का विरोध करने वाले लोगों ने अपने वर्चस्ववादी, जातिवादी मानसिकता से साबित भी कर दिया है। देश और कैंपस मनुवाद से नहीं बाबा साहब के संविधान से चलेगा। इस दौर में दलितों पिछड़ों को सूटेबल नहीं बोल कर NFS ( नॉट फाउंड सूटेबल) के तहत प्रोफेसर बनने से वंचित कर दिया जाता है। जबकि वंचितों के सूटेबल शिक्षा नीति नहीं बनाई जा रही है। प्राइवेट यूनिवर्सिटी और जूडिशियरी में आरक्षण नहीं होने की वजह से वंचित को मौका नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन की तरह बिहार में 65 प्रतिशत आरक्षण विधानसभा से पास हो कर लागू किया गया था लेकिन कोर्ट के जरिए मनुवादी ताकतों द्वारा रोक लगवा दिया गया था। बिहार की जनता इसको अब बर्दास्त नहीं करेगी। आंकड़े के मद्देनजर आज भी समाज और व्यवस्था में मनुवादी वर्ण -जाति की श्रेष्ठता व वर्चस्व कायम है। इसको खत्म करने और बराबरी और सम्मान के साथ जीवन जीने के अधिकार के लिए यूजीसी रेगुलेशन लाया गया था। लेकिन सरकार की मिलीभगत से कोर्ट द्वारा रोक लगा दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने 18 मार्च को पटना में आयोजित समता महाजुटान और राजभवन मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील छात्रों से की।
आवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व विधायक अजित कुशवाहा ने कहा कि समाज में व्याप्त गैरबराबरी की वजह से दलित, पिछड़े, वंचित, शोषित वर्ग के साथ जातिगत भेद-भाव, शोषण-उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी हैं.यूजीसी के मुताबिक ही इस तरह की घटनाओं में 118% की वृद्धि हुई है। रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे सैंकड़ों दलित, पिछड़े, आदिवासी छात्रों की उत्पीड़न के कारण सांस्थानिक हत्याएं हुई है। शैक्षणिक जगत में इस तरह के भेद-भाव , जुल्म, ज्यादती पर एकदम से रोक लगनी चाहिए। इस लिए यूजीसी रेगुलेशन को और सशक्त करते हुए लागू किया जाना चाहिए। यूजीसी के पक्ष में जेएनयू छात्र संघ खड़ा न हो इसके लिए ऐसे समय पर छात्र संघ को निलंबित किया गया है। वीसी की जातिवादी बयान के खिलाफ आंदोलन में शामिल हम 14 छात्रों को जेल भेज दिया गया। लेकिन फिर भी ये आंदोलन आगे बढ़ रहा है और जब तक यूजीसी रेगुलेशन लागू नहीं होता और वस्तृत रोहित एक्ट को संसद से कानून बनाकर लागू नहीं किया जाता है तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
वही अन्य वक्ताओं नें कहां कि 18 मार्च को 74 आंदोलन (संपूर्ण क्रांति दिवस) के ऐतिहासिक दिन को पटना में समता महाजुटान और राजभवन मार्च होने जा रहा है। बिहार भर के दलित–पिछड़ों से समता, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय स्थापित करने के संघर्ष से वास्ता रखने वाले आवाम भारी तादाद में समता महाजुटान में शामिल होने का आह्वान किया।
कनवेंशन के संबोधित किसान नेता राजू यादव, इंसाफ मंच के राज्य सचिव क्यामुदिन अंसारी, समता मूलक संग्रामदल के राष्टीय महासचिव नवनित राणा, सामाजिक न्याय आंदोलन के नेता रमेश यादव, यूवा राजद के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने संबोधित किया!
आइसा जिला सचिव विकास व आरवाईए जिला सचिव निरंजन केशरी में कहां कि जिले भर में सघन जनसंपर्क चलाने के साथ पर्चा वितरण, नुक्कड़ सभा करते हुए 18 मार्च को पटना में हजारों की संख्या में छात्र नौजवान जुटेंगे।
कन्वेंशन का अध्यक्षता RYA जिला अध्यक्ष विशाल कुमार और संचालन AISA के जिला सचिव विकाश कुमार ने किए
उपस्थित आइसा राज्य सचिव सबीरकुमार,RYA भोजपुर जिला सचिव निरंजन केशरी,दिलराज प्रीतम भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष सोनजीत पासवान,विवेक यादव, रौशन कुशवाहा, अप्पू यादव, जयशंकर कुमार, विजय मेहरा, सुधीर कुमार, आमोद कुमार, नीतू कुमारी,मुस्कान,वर्षा,अंशु,सलोनी अखिलेश गुप्ता, सनी पासवान, धीरेंद्र आर्यन, पंकज कुशवाहा, विवेक कुमार, चंदन दास, हरी नारायण साव, राहुल कुमार साहित सैकडो छात्र-छात्रा और नौजवान मौजूद रहे।

