
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)26 सितंबर। गुरुवार को भारतीय जनसंघ के दसवें राष्ट्रीय अध्यक्ष और महान विचारक पं दीनदयाल उपाध्याय की 110 वीं जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय जनसंघ की जिला इकाई द्वारा फ्रेंड्स कॉलोनी कार्यालय में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।इस अवसर पर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं दीनदयाल उपाध्याय तथा प्रो बलराज मधोक के चित्रों पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित किए गए । अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मधेश्वर नाथ पाण्डेय ने की। संगोष्ठी में बतौर मुख्य-वक्ता बोलते हुए जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य डॉ भारतभूषण पाण्डेय ने कहा कि नीति पूर्वक शासन करने की विधा राजनीति कहलाती है किन्तु आज राजनीति अनीति, अधर्म, अराजकता, अपराध और सभी प्रकार के भ्रष्टाचार का आश्रय बन गई है। उन्होंने कहा कि महामनीषी पं दीनदयाल उपाध्याय जमीनी स्तर के कार्यकर्ता के रूप में काम करने वाले कुशल संगठक, दूरदर्शी राजनेता तथा एकात्म मानववाद के प्रणेता थे।वे राजनीति में सादगी, शुचिता और सिद्धांतनिष्ठा के लिए प्राणपण से समर्पित महामानव थे। जनसंघ अध्यक्ष ने कहा कि आज के राजनीतिक आदर्श बाहुबल और धनबल से संपन्न लोग हो गये हैं जो समाज के लिए सर्वथा घातक है। राजनीति को भ्रष्ट तत्त्वों से मुक्त करना, निःस्वार्थ और निःस्पृह भाव से समाज की सेवा करना तथा जय-पराजय में सम रहकर अपने सिद्धांतों के अनुरूप वातावरण का निर्माण करना दीनदयाल जी की सबसे बड़ी प्रेरणा और जनसंघ का सबसे बड़ा पाथेय है। आचार्य भारतभूषण ने कहा कि योग्य और ईमानदार लोगों को यदि आगे लाने में समाज असफल रहा तो देश का भविष्य भयावह हो सकता है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्कर्ष के लिए दीनदयाल जी ने चिंता की। अन्त्योदय से ही राष्ट्र स्वावलंबी और सशक्त होगा। जनसंघ नेता ने कहा कि आज धनी और गरीब के बीच की खाई बढ़ती जा रही है और भ्रष्टाचार के कारण गरीब बहुत परेशान हो रहे हैं।यह केवल सत्ता परिवर्तन के खोखले नारे से ठीक नहीं होनेवाला है बल्कि लोगों की मानसिकता और उनके चरित्र में परिवर्तन कर इसे सही किया जा सकेगा राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य अधिवक्ता सत्येन्द्र नारायण सिंह ने कहा कि लगातार तीन विधानसभा और तीन लोकसभा चुनाव लड़ने और दीनदयाल जी के आदर्शों पर तत्परता से चलनेवाले आचार्य भारतभूषण पाण्डेय ने पूरे देश में जनसंघ को नयी पहचान दी है तथा चौदह प्रदेशों में काम खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल जमीनी स्तर पर परिवर्तन के हिमायती थे। जनसंघ कार्यकर्ता आधारित दल है। अध्यक्षीय भाषण में मधेश्वर नाथ पाण्डेय ने कहा कि समाज को दीनदयाल जी के आदर्शों से अनुप्राणित करने के लिए जनसंघ संकल्पित है। साधनों के घोर अभाव में भी हम कर्तव्य पथ पर दृढ़ता से अग्रसर हैं। कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, स्वागत भाषण जयप्रकाश तिवारी एवं धन्यवाद ज्ञापन ध्रुव कुमार सिंह ने किया।इस अवसर पर विश्वनाथ दूबे, अखिलेश्वर तिवारी, नर्मदेश्वर उपाध्याय, डॉ सत्यनारायण उपाध्याय, मृत्यंजय, सुरेंद्र मिश्र, सियाराम दूबे, ब्रजकिशोर पांडेय आदि प्रमुख नेताओं ने दीनदयाल जी को श्रद्धांजलि देते हुए राजनीति की शुद्धि और समाज की सेवा पर बल दिया।
