सफेद कोट पहनते हैं, तो वह केवल परिधान नहीं होता, बल्कि यह मानवता की सेवा, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ होती है:राज्यपाल
RKTV NEWS/देवघर( झारखंड)16 सितंबर ।एम्स के छठी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इसके पश्चात राज्यपाल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि सर्वप्रथम, विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देवनगरी में स्थापित एम्स देवघर के ‘षष्ठम वार्षिकोत्सव’ के इस अवसर पर सम्पूर्ण एम्स देवघर परिवार को मैं हार्दिक बधाई देता हूँ। इस गौरवशाली अवसर पर आज यहाँ उपस्थित होकर मुझे अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है। यह अवसर केवल एक संस्थान का वार्षिकोत्सव मात्र नहीं है, बल्कि सेवा, समर्पण और संकल्प की उस यात्रा का उत्सव है, जिसने स्वास्थ्य और आशा की नई किरण जगाई है।
इसके अलावा राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी अवगत हैं कि 31 जुलाई, 2025 को एम्स देवघर ने अपना प्रथम दीक्षांत समारोह आयोजित किया, जिसमें आदरणीया राष्ट्रपति महोदया की गरिमामयी उपस्थिति रही। वह क्षण इस संस्थान के इतिहास में अमिट रहेगा। वह केवल डिग्री प्राप्ति का अवसर नहीं, बल्कि सेवा का संकल्प लेने का क्षण भी था। यह गौरव केवल विद्यार्थियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे झारखण्ड के लिए भी था। आगे उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए हर्ष है कि 270 एकड़ में फैला यह आधुनिक परिसर 750 बेड वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, अत्याधुनिक डायग्नॉस्टिक सुविधाएँ, शोध केंद्र और उत्कृष्ट संकाय के साथ आज स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा का सशक्त आधार है।
यहाँ न केवल झारखण्ड, बल्कि बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं। वास्तव में किसी भी चिकित्सा संस्थान की साख उसके मरीजों को दी जाने वाली सुविधा और उनके विश्वास से ही आँकी जाती है। हम सबको यह स्मरण रखना चाहिए कि चिकित्सक का दायित्व केवल रोग का उपचार करना ही नहीं है, बल्कि रोगी के मन में स्वस्थ होने की आशा और विश्वास जगाना भी है। एक डॉक्टर की अच्छी वाणी, उसका धैर्य और उसका स्नेह कभी-कभी मरीजों के लिए सबसे बड़ी औषधि सिद्ध हो जाते हैं। यही कारण है कि अस्पताल केवल इलाज का स्थान नहीं होता, बल्कि मानवता और करुणा का मंदिर भी होता है।
मैं चाहूँगा कि सभी अस्पताल इस आदर्श को आत्मसात करें। साथ ही उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का यह संकल्प है कि देश का कोई भी नागरिक आर्थिक या भौगोलिक कारणों से उपचार से वंचित न रहे। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य स रक्षायोजना के अंतर्गत स्थापित यह एम्स, उनके “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को स्वास्थ्य क्षेत्र में साकार कर रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने जिस विकसित भारत 2047 का आह्वान किया है, उस सपने को पूरा करने में एम्स देवघर जैसे संस्थान की अग्रणी भूमिका है।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि ओपीडी सेवाओं की शुरुआत से अब तक सात लाख से अधिक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। यह आँकड़ा इस बात का प्रमाण है कि एम्स देवघर की स्वास्थ्य सेवाएँ जनसामान्य तक पहुँच रही हैं और उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही हैं। विशेष उल्लेखनीय है कि यहाँ केवल उपचार ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत गाँवों को गोद लेना और जन औषधि केंद्रों का संचालन भी किया जा रहा है। इस प्रकार के पुनीत कार्य यह सिद्ध करते हैं कि एम्स देवघर केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि समाज का सच्चा साथी है।
मुझे उम्मीद है कि एम्स, देवघर के बेहतर प्रयासों से झारखण्ड के दूरदराज़ अंचलों के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है और आने वाले समय में इसका विस्तार और व्यापक स्तर पर दिखाई देगा। मेरा विश्वास है कि शीघ्र ही इसकी गणना देश के नामचीन चिकित्सा संस्थानों में होगी। राज्य के लोगों को गंभीर मारियों के उपचार के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। यह केवल स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता ही नहीं होगी बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी एक बड़ी उपलब्धि सिद्ध होगी। आगे उन्होंने कहा कि प्रिय विद्यार्थियों, जब आप सफेद कोट पहनते हैं, तो वह केवल परिधान नहीं होता, बल्कि यह मानवता की सेवा, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ होती है। आने वाले समय में आपके ज्ञान और कौशल से असंख्य जीवन जुड़े होंगे। आपकी संवेदनशीलता और आपकी निष्ठा ही इस संस्थान की वास्तविक पहचान बनेगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि एम्स देवघर शिक्षा, अनुसंधान और सेवा के क्षेत्र में निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा।
यहाँ से निकलने वाले चिकित्सक और शोधकर्ता न केवल भारत, बल्कि सम्पूर्ण मानवता को स्वस्थ और सुखी बनाने में अहम योगदान देंगे।
अंत में राज्यपाल ने पूरे एम्स देवघर परिवार को के षष्ठम वार्षिकोत्सव पर हार्दिक बधाई दिया, और इसके निरंतर प्रगति की कामना की।इसके अतिरिक्त सांसद गोड्डा डॉ निशिकांत दुबे ने अपने सम्बोधन में एम्स की खूबियां गिनाई जबकि एम्स निदेशक ने स्वागत सम्बोधन के साथ रुपरेखा रखी।

