
RKTV NEWS/ अनिल सिंह,27 मई।आज डॉक्टरों द्वारा अपने निजी क्लीनिकों में मरीजों के किए जा रहे इलाज में लगातार हो रही लापरवाही और मरीजों के आर्थिक व मानसिक शोषण पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए वीकेसीयू के निवर्तमान छात्र संघ प्रतिनिधि छात्र राजद नेता ने राहुल कुमार ने इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है की जो डॉक्टर अपने काम में लापरवाही बरत रहे हैं उन पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जरूरत है,वही उन्होंने कहा कि डॉक्टरों द्वारा जबरन जांच और दवाई अपने ही निजी दुकानों से लेने पर मरीज को मजबूर किया जाता है ,यही नहीं महीने में दो बार फिस भी लिया जाता है।उन्होंने कहा की जिस प्रकार डॉक्टर यूनियन या कर्मचारी यूनियन होती है, उसी प्रकार पेशेंट यूनियन दबाव समूह के रूप में बनाई जाए। इस यूनियन में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व हो। इसके अलावा निजी अस्पतालों के खिलाफ अव्यवस्था व लापरवाही मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाए। लापरवाह डॉक्टर तथा स्टाफ के लाइसेंस जब्त होने चाहिए। उनके नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि दूसरे भी सीख लें। निजी अस्पतालों के डॉक्टरों की फीस भी निर्धारित की जानी चाहिए क्योंकि वो कोई दूसरे ग्रह से नहीं आए हैं। हालत यह है कि आजकल कुछ डॉक्टर तो तत्काल टिकट की तरह तत्काल मरीजों को देखने की तीन गुनी फीस लेते हैं। निजी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण भोजन के नाम पर मरीजों को बुड़बक बनाया जाता है। जूस के नाम पर प्रिजर्वेटिव्स जूस और नाश्ते के नाम पर फास्ट फूड देते हैं। प्रशिक्षित स्टाफ भी नहीं रहता इन अस्पतालों में, ना ही उपकरणों की सुधी लेने वाला कोई है। सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है। इन अस्पतालों में शिकायत पेटिका होनी चाहिए। साथ ही इनको आरटीआइ के दायरे में लाया जाना चाहिए। निजी अस्पतालों के लिए लोकायुक्त जैसे पद सृजित किए जा सकते हैं, जो शिकायत मिलने पर कार्रवाई करें।

