
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)03 सितंबर।एम. एम. महिला कॉलेज, आरा में मंगलवार को स्नातक सत्र 2025–29 की छात्राओं के लिए दीक्षारंभ समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. कन्हैया बहादुर सिन्हा, विशिष्ट अतिथि प्रो. आभा सिंह, प्राचार्य प्रो नरेंद्र प्रताप पालित,बर्सर प्रो. राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनोज कुमार तथा आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. विजयश्री द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। महाविद्यालय कुलगीत एवं स्वागत गीत के बाद अतिथियों का सम्मान अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर प्राचार्य ने किया।
स्वागत भाषण में प्राचार्य प्रो. पालित ने छात्राओं को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “महाविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का स्थान है।”उन्होंने सभी शिक्षकों के कार्यों की प्रशंसा की।
प्रथम सत्र की छात्राओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने नवीन पाठ्यक्रम से परिचित होने व के साथ ही समयानुसार नवीन तकनीकी ज्ञान से परिचित होने पर छात्राओं का ध्यान केंद्रित किया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. आभा सिंह ने अपने संबोधन में छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि “शिक्षा तभी सार्थक है जब वह समाज के कमजोर वर्गों तक पहुँचकर उन्हें सशक्त बनाए।”उन्होंने पठन-पाठन के अतरिक्त भी यहाँ अन्य गतिविधियों जिनमें स्पोर्ट्स, कल्चरल एक्टिविटी , एनएसएस,एनसीसी,पुस्तकालय सभी का उपयोग करने को छात्राओं को प्रेरित किया जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।चार वर्षीय पाठ्यक्रम से परिचित कराते हुए छात्राओं को लगातार शिक्षकों के संपर्क में रहने व ज्ञान एकत्रित करने को प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि प्रो. कन्हैया बहादुर सिन्हा ने महंथ जी के
महिला सशक्तिकरण के अथक प्रयासों व उनके कार्यों से सभी को परिचित कराया । उनके पिताजी व महंथ जी की मित्रता के किस्से सुनाते हुए उन्होंने छात्राओं को प्रेरित किया व सबसे बड़े आगामी दो दायित्वों राज्य की प्रशासकीय सेवाओं एवं राजनीति में हिस्सेदारी के प्रति छात्राओं को जागरूक किया। नई शिक्षा नीति के विषय चुनाव को लेकर स्वतंत्रता का उन्होंने स्वागत करते हुए छात्राओं के विषय चयन की स्वतंत्रता का स्वागत किया। बदलते समय के साथ नवीन पाठ्यक्रम व बदलती नई शिक्षा नीति 2020 पर चर्चा करते हुए नवीन पाठ्यक्रम की प्रशंसा की। इस अवसर पर आईक्यूएसी सह समन्वयक डॉ. अनुपमा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए बताया कि नई शिक्षा नीति छात्रों को लचीला पाठ्यक्रम, बहुविषयक अध्ययन और कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करती है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्राओं को चाहिए कि वे नई नीति के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाएँ। उन्होंने एनईपी पर बात करते हुए कहा कि नेशनल एजुकेशनल पॉलिसी 2020 का आधार सर्वांगीण विकास है।वर्तमान की तकनीकी जानकारी को एनईपी ने अपने में सम्मिलित किया है।विभिन्न विभागों—मनोविज्ञान, हिन्दी, अंग्रेज़ी, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, इतिहास, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, गृह विज्ञान आदि ने विभागीय प्रस्तुतियाँ दीं। इसमें विभागों के शिक्षकों ने पाठ्यक्रम की संरचना, मूल्यांकन पद्धति और आगामी चार वर्षों में होने वाली शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
आइक्यूएसी कोऑर्डिनेटर डॉ. विजयश्री ने छात्राओं को महाविद्यालय के सह-पाठ्यक्रमिक आयामों से भी परिचित कराया। इस क्रम में एनसीसी एवं एनएसएस इकाइयों द्वारा गतिविधियों की जानकारी दी गई। साथ ही महाविद्यालय की विभिन्न क्लब्स एवं समितियों—जैसे सांस्कृतिक समिति, साहित्यिक क्लब, वाद-विवाद समिति, महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ आदि—के कार्यों के बारे में विस्तार से बताया गया।।
समारोह के अंत में डॉ. अनुपमा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और सभी अतिथियों एवं छात्राओं का आभार व्यक्त किया।उन्होंने मंचासीन गणमान्य ,सभी शिक्षकों , शिक्षकेत्तर कर्मी ,मीडियाकर्मी , व सभी छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. विजयश्री ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति और छात्र-प्रतिनिधियों की भूमिका सराहनीय रही।
