
बिहार के कोर्ट परिसरों को RDX से उड़ाने की धमकी पर जिला जज को लिखा आवेदन।
आरा सिविल कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यस्था पर उठाए सवाल।
सुरक्षा की लचर व्यस्था की ओर जिला जज का ध्यान कराया आकृष्ट।
जिला और पुलिस प्रशासन से सुरक्षा जांचों को सुचारू रूप से संचालित करने की कही बात।
आरा /भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 08 जनवरी।आज बिहार के कुछ जिलों के कोर्ट प्रशासन को मेल द्वारा कोर्ट परिसरों को उड़ा देने की मिली धमकी पर जिला बार एसोसिएशन (आरा) भोजपुर के पूर्व महासचिव विद्या निवास सिंह उर्फ दीपक सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरा सिविल कोर्ट की सुरक्षा को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम मिश्रा को एक आवेदन को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रेषित करने की बात कही है। पूर्व महासचिव ने पटना, गया,किशनगंज कोर्ट परिसर को RDX द्वारा उड़ा देने की मिली धमकी पर चिंता जाहिर करते हुए वर्तमान में आरा सिविल कोर्ट की सुरक्षा व्यस्था पर सवाल उठाते हुए इसे विधिवत करने के साथ साथ और कड़े सुरक्षा प्रबंध करने हेतु जिला जज से गुहार लगाई है।
विद्या निवास सिंह ने अपने आवेदन में जिला जज का पूर्व में आरा सिविल कोर्ट में हुए 2 बार बम कांड की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए उक्त कांड के बाद कोर्ट परिसर की बढ़ाई गई सुरक्षा व्यस्था पर वर्तमान की स्थिति में इस व्यवस्था पर सवाल और परिसर की सुरक्षा एवं सभी अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहरी की है। उन्होंने अपने आवेदन में जिला प्रशासन द्वारा वर्तमान में की जा रही सुरक्षा व्यस्था पर आरोप लगाते हुए इसे महज एक खानापूर्ति की संज्ञा दी है।उन्होंने लिखा है कि सुरक्षा व्यस्था में जिला प्रशासन द्वारा तैनात किए गए पुलिस बल सुरक्षा व्यस्था की कार्रवाई को गंभीरता से लेते हुए नहीं पाए जाते है जो अत्यंत ही चिंता का विषय है। पूर्व महासचिव ने जिला जज को प्रेषित अपने आवेदन में जिला प्रशासन की सुरक्षा व्यस्था की निंदा करते हुए परिसर के गेट पर लगाए गए मेटल डिटेक्टर के वर्तमान में खराब होने और हैंड मेटल डिटेक्टर द्वारा लोगों की जांच न कर सिर्फ हाथों से की जा रही जांच व्यवस्था की खानापूर्ति पर गंभीर रोष और चिंता जाहिर करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश का ध्यान आकृष्ट कराया है।पूर्व में वकीलों के भेष में कोर्ट परिसर में दाखिल हो आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की घटना की चर्चा करते हुए उन्होंने अधिवक्ताओं और कोर्ट परिसर की पुख्ता सुरक्षा प्रबंध को ले सभी अधिवक्ताओं और आम जनता का कोर्ट परिसर में उनके वास्तविक पहचान पत्रों की जांच कर प्रवेश कराए जाने की व्यवस्था लागू किए जाने हेतु अपने विचार भी व्यक्त किए हैं।
विद्या निवास सिंह उर्फ दीपक सिंह ने अपने आवेदन की चर्चा करते हुए कठोर शब्दों में कहा है कि किसी भी कोर्ट और अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए किसी धमकी के इंतेज़ार करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। कोर्ट परिसर एक ऐसा परिसर है जहां न्यायाधीशों ,हजारों अधिवक्ताओं और लाखों की संख्या में नित्य आने वाले लोगों की सुरक्षा व्यस्था पर किसी भी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए और नित्य विधिवत इसका सुचारु रूप से पालन होना चाहिए ताकि मजबूत और सुचारू सुरक्षा व्यस्था में किसी भी धमकी भरे मेल पर अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों सहित आम जनता को विचलित होने की जरूरत ही न पड़े।
