
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)01 सितंबर। रविवार को इतिहास संकलन समिति दक्षिण बिहार के तत्वावधान में हरप्रसाद दास जैन महाविद्यालय में बाबा साहेब आप्टे की जयंती का आयोजन अमित कुमार की अध्यक्षता में किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली के क्षेत्र संगठन मंत्री डॉ सुरेश जी पाण्डेय भाई साहब उपस्थित रहे। मैनेजमेंट की ओर से बुके,अंग वस्त्र देकर स्वागत के साथ साथ सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा बाबा साहेब आप्टे की जीवन वृत्त को विस्तार से रखा । इन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति और अपनी परंपरा को सहेजने के लिए जागृत किया।उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आप्टे एक ऐसी मिसाल थे जिन्होंने भारत के लाखों युवाओं को दिशा दी।हमें न केवल उनके विचारों को समझना है बल्कि उन्हें व्यवहार में उतारकर भारत को फिर से विश्व गुरु बनाना है।” उन्होंने यह भी कहा कि हर एक इंसान को स्वयं जागृत होना होगा तभी हमारा समाज, हमारा देश अपनी संस्कृति को सहेज सकता है।उन्होंने आगामी योजनाओं पर विचार विमर्श किया।
इतिहास संकलन समिति विश्वद्यालय संयोजक डॉ कुमारी प्रियंका ने कहा की बाबासाहेब आप्टे ने भारतीय राष्ट्र सेवा को अपना जीवन मंत्र बनाया। वे एक समर्पित शिक्षाविद और समाज सुधारक थे,जिन्होंने भारतीय संस्कृति और इतिहास को जन-जन तक पहुँचाया। उनका जीवन त्याग और निष्ठा का प्रतीक था। उन्होंने हर परिस्थिति में अपने आदर्शों को अपनाए रखा और राष्ट्र की सेवा में निरंतर योगदान दिया।
उन्होंने व्यक्तिगत सुख-चैन को त्याग कर देश और विचारधारा के विकास में अपना जीवन समर्पित किया। उनके कार्यों की प्रेरणा हमें अनुशासित, विद्वान, और समाजोन्मुखी बनने हेतु मार्गदर्शन करती है।इस अवसर पर डॉ प्रीति रंजन, डॉ सरोज देवी,श्रेया,आरती, मुस्कान, सागर,अनुपम राहुल,दीपक,शाशांक, आदित्य, सुशांत, आलोक, प्रेम, ज्ञान रंजन,निरंजन सहित और भी लोग
उपस्थित रहे।
