
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)25 अगस्त।आरा की मिट्टी की नन्ही नृत्यांगना शिवाक्षी प्रिंसेज ऑफ कथक ने 112वें संगीत समारोह में नयनाभिराम भाव अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिवाक्षी ने नृत्य प्रस्तुति में राधिका रानी के द्वारा कृष्ण से अनुनय विनय की भाव भंगिमाओं को बखूबी प्रस्तुत किया । एकताल में लयबद्ध तुमारी “रोको न डगर मेरो श्याम मैं तो जाऊँ अपने धाम” पर शिवाक्षी की मुद्राओं व अंग-पद संचालन को देख दर्शक आश्चर्यचकित रह गयें । सभा में उपस्थित गुणी, पारखी संगीतज्ञ व दर्शकों ने नन्ही शिवाक्षी को प्रिंसेज ऑफ कथक के खिताब से अलंकृत किया । पारंपरिक एवं सुंदर वस्त्र विन्यास तथा लय के घुंघरुओं से पदाघात के सामंजस्य ने बखूबी रंग बिखेरा। शिवाक्षी स्थानीय महाजन टोली निवासी अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथक नर्तक गुरु बक्शी विकास व आदित्या की बड़ी सुपुत्री हैं जो महज तीन साल की हैं । शिवाक्षी को संगीत के सुरीले संस्कार घर में ही माता और पिता से मिल रहें हैं। शिवाक्षी की पहली प्रस्तुति तीस हजार दर्शकों के समक्ष पूर्व मंत्री व जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम रजक की उपस्थिति व उनके हाथों पुरस्कृत हो चुकी है ।
