
RKTV NEWS/वाराणसी (उत्तर प्रदेश)17 जुलाई।विश्व भोजपुरी सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय ईकाई द्वारा वाराणसी के मैदागिन में हुए शोक सभा में विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव रहे प्रख्यात साहित्यकार डा.अरुणेश नीरन के गोरखपुर में अस्सी बरस की आयु में असामयिक निधन पे उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के हरिश्चंद्र घाट पर १६ जुलाई को विधि-विधान से सम्पन्न हो गया । मुखाग्नि ज्येष्ठ पुत्र डॉ.पारितोष मणि ने दी ।
विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय समन्वयक डॉ.अपूर्व नारायण तिवारी ‘बनारसी बाबू’ ने कहा कि उनके निधन से एक युग का अंत हो गया और अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी जगत अनाथ सा हो गया है ।वे एक अजातशत्रु साहित्यिक युगपुरुष थे । वे गौतम बुद्धा पीजी कालेज कुशीनगर के अवकाश प्राप्त प्राचार्य थे,साहित्य अकादमी और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य भी थे । उनके निधन से अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी जगत में एक शून्य सा उत्पन्न हो गया है । उन्होंने बताया कि मारीशस के पूर्व मंत्री डॉ.बसंत बनवारी, पूर्व मंत्री मुक्केश्वर चूनी,पूर्व मंत्री जगदीश गोबरधन, भोजपुरी स्पीकिंग युनियन मारीशस की चेयरपर्सन डॉ सरिता बुधू,हुशिला देवी रिसौल, विश्व हिंदी सचिवालय, संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत दुबे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. प्रेमशीला, प्रांतीय उपाध्यक्ष शंभू नाथ चौबे ने नीरन जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है । डॉ.अपूर्व नारायण तिवारी ने कहा कि विश्व भोजपुरी सम्मेलन द्वारा अब हर वर्ष पन्द्रह जुलाई को नीरन स्मृति दिवस रुप में मनाया जाएगा ।
उपस्थित लोगों में पं.शंभूनाथ पांडेय, डॉ.पी.एस.दुबे,डॉ. दिनेश सिंह, डॉ. बी.एन.द्विवेदी,पं.राधिका त्रिपाठी, पुरुषोत्तम मिश्रा, सुरेश प्रसाद पांडेय, काशीनाथ तिवारी, ओ.पी. शर्मा आदि मौजूद थे ।
