
RKTV NEWS/बक्सर (बिहार)08 जुलाई। सोमवार को लालबाबा आश्रम सतीघाट बक्सर में श्रीमद्भागवत सप्ताह यज्ञ के पंचम दिवस की कथा में जीयर स्वामी जी महाराज के कृपापात्र ज.गु.रा. ब्रह्मपुरपीठाधीश्वर आचार्य धर्मेन्द्र जी महाराज ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण की सभी बाल लीलाएं अद्भुत हैं, चाहे पूतनोद्धार की या माखन चोरी की चाहे मिट्टी भक्षण की,चाहे ऊखल से बंधने की,चाहे नाग नाथन की, या गोवर्धन पूजन की ,सबका विशेष भाव है समाज हितकारी और उपदेश प्रद है जिसके रहस्य को बतलाया आचार्य जी ने ।श्रीकृष्णकी बाललीलाओं का रहस्यमयी विवेचनकर भक्तों को खूब कथामृत क पान कराया।चीरहरण की कथा करते हुए आचार्य जी ने कहा कि चीरहरण लीला ,कथा वस्त्र की चोरी नहीं है,वरन जीव और ब्रह्म के बीच जो पर्दे हैं उसको हटाने की कथा है,।यह कथा आकंठ जल में पड़े …जीव को बाहर निकालने की कथा है,यह कथा भक्तों की मनोकामना पूरा करने की कथा है,यह कथा भगवान की भक्तों पर कृपा की कहानी है।आचार्य जी ने कहा कि गोपियां साधारण जीव नहीं,वरन वर्षो तक भगवान को पाने के लिए तपस्या करने वाली साधिका है, त्रेतायुग मिथिलानियां दंडकारण्य के ऋषि वृंद हैं ।श्रीमद्भागवत का मूल पाठ पंडित अशोक द्विवेदी द्वारा किया जा रहा है ।प्रबंध व्यवस्था में महंथ सुरेन्द्र बाबा और उनके सहयोगी यज्ञ समिति के स्थानीय भक्त व क्षेत्रीय लोग भक्ति भाव से सेवा में लगे हैं।
