
वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना गरीबों को हटाना न्याय संगत नहीं! “वार्ता और मुकदमा”जिला प्रशासन के दोहरे चरित्र की है परिभाषा:जवाहरलाल सिंह।
RKTV NEWS/ अनिल सिंह,11 मई। भाकपा – माले जिला सचिव जवाहरलाल सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि माले नेताओं सहित महादलितों पर मुकदमा करना घोर निंदनीय है। जिला प्रशासन ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था कर अतिक्रमण हटाया। उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार हैं लेकिन प्रशासन बुल्डोजर राज्य के तर्ज पर काम कर रहा है।उन्होंने ने कहा कि आरा शहर में पिछले 40-50 वर्षो से नागरी प्रचारिणी सभागार के सामने नगर निगम के महादलितों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था किये उजाड़ा जा रहा है।

भाकपा-माले इन गरीबों को उजाड़ने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की थी इसको लेकर उस दिन हमारी पार्टी के नेता वहां पहुंचे और प्रशासन की वार्ता हुई और उन्होंने पुनःदो दिन बाद यानी कि कल एसडीएम से उन महादलित परिवार के साथ पार्टी का शिष्टमंडल जिसमें भाकपा-माले नगर सचिव दिलराज प्रीतम,राज्य कमेटी सदस्य क्यामुद्दीन अंसारी,जिला कमेटी सदस्य अमित कुमार बंटी,वार्ड पार्षद प्रतिनिधि लल्लू कुमार के साथ वार्ता हुई! एसडीएम के साथ लगभग 75 परिवारों को बसाने के लिए सिंगही स्थित नगर निगम की 7 बिगहा जमीन पर बसाने के लिए सहमति बनी और वार्ता के बाद जमीन स्थल पर उपनगर आयुक्त के साथ गये। उपनगर आयुक्त ने जमीन भी दिखाई ।

लेकिन फिर जिला प्रशासन के इशारे पर और आगे आंदोलन न हो इसके लिए उपनगर आयुक्त ने हमारी पार्टी के राज्य कमेटी सदस्य क्यामुद्दीन अंसारी,जिला कमेटी सदस्य अमित कुमार बंटी,वार्ड पार्षद प्रतिनिधि लल्लू कुमार सहित महादलित परिवारों पर सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा कर दिया गया है जो सरासर ग़लत है!एक तरफ जिला प्रशासन ने खुद वार्ता करने के लिए कल समय दिया और फिर फर्जी मुकदमा भी किया!यह जिला प्रशासन का दोहरा चरित्र है। जबकि कहीं कोई सरकारी काम में बाधा नहीं डाला गया है!इसके बावजूद फर्जी मुकदमा कर दिया गया!भाकपा-माले हमारी पार्टी के नेताओं सहित महादलित परिवारों पर फर्जी मुकदमा बिना शर्त वापस लेने की मांग करता है!अगर मुकदमा वापस नहीं लिया तो भाकपा-माले आगे आंदोलन आंदोलन खड़ा करेगा!
मामले की दूसरे पहलू की सच्चाई।
नगर निगम आरा द्वारा नगरी प्रचारणी के पास रहने वाले सफाई कर्मचारी के परिवारों सहित अन्य परिवारों को आरा के गांगी के उस पार निगम की जमीन (मैला गड़ाह)पर बसाने की पहल की गई है लेकिन विडंबना यह है की उक्त नगर निगम की जमीन लगभग 4 एकड़ 19 डिसमिल की भू माफियाओं द्वारा पहले से ही खरीद बिक्री कर दी गई है।इसी मुद्दे को लेकर भाकपा माले द्वारा अतिक्रमण हटाओ के दौरान प्रतिरोध किया गया था।

इस संबंध में नगर निगम आरा आयुक्त निरोज कुमार भगत ने आज 4 एकड़ 19 डिसमिल जमीन जिसका प्लॉट संख्या 225 से लेकर 232 की दबंगों द्वारा खरीद बिक्री की बात को स्वीकार करते हुए कहा है की इस मामले में निगम सतर्क है और निगम सफाई कर्मियों को वहा स्थापित कराकर ही रहेंगी।
