
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)05 अक्टूबर।आज शाहाबाद कमिश्नरी निर्माण संघर्ष समिति के तत्वावधान में आरा में आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के संयोजक धीरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि उनकी आशा थी कि हाल ही में हुई राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में हमारी प्रमुख मांग पुराने शाहाबाद के चारों जिलों को मिलाकर शाहाबाद कमिश्नरी का गठन और आरा को इसका मुख्यालय बनाने को मंज़ूरी दी जाएगी, पर सरकार ने इस पर कोई घोषणा नहीं की। यह पूरे शाहाबाद का पुराना एवं लंबित मांग है और इसके लिए हमारा संगठन “करो या मरो” की नीति के साथ संघर्ष जारी रखेगा।कोर कमेटी के सदस्य मधुकांत सिंह ने बताया कि आंदोलनात्मक कार्यक्रम के तहत 7 अक्टूबर को आरा शहर से जेपी स्मारक से शांतिपूर्ण व अनुशासित मार्च निकाली जाएगी, जो शहर के प्रमुख स्थलों से होते हुए रमना मैदान में कलेक्टोरेट के सामने समाप्त होगी एवं जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रेस वार्ता में मार्गदर्शक मंडल के सदस्य भाई ब्रह्मेश्वर ने सरकार से तत्काल संज्ञान लेने और घोषणा करने का आग्रह किया। कोर कमेटी के सदस्य प्रो. दिवाकर पांडे ने स्पष्ट किया कि आरा कमिश्नरी का मुख्यालय बनने की सभी शर्तें पूर्ण करता है। रघुवर प्रसाद, डॉ. जितेंद्र शुक्ला और अधिवक्ता देवेंद्र प्रसाद ने भी कड़े स्वर में कहा कि आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा और सरकार को घोषणा के लिए बाध्य किया जाएगा।
आज की प्रेस वार्ता में अधिवक्ता देवेंद्र प्रसाद, कृष्ण यादव (कृष्णेंदु), अमरेंद्र कुमार, इंजीनियर संदीप पांडे, निकेश पांडे, अमित पांडे सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि युवा कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन में शामिल होंगे और उदासीन सरकार को यह घोषणा करने पर मजबूर कर दिया जाएगा।
