
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)04 दिसंबर।भारत के प्रथम राष्ट्रपति देश रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती मंगलवार को आरा सदर अस्पताल परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी प्रतिमा स्थल पर गांव गरीब चेतना मंच के संयोजक डॉ राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में मनाया गया। माल्यार्पण के बाद डॉ के एन सिन्हा ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता आंदोलन सेनानी, देशरत्न, डॉ राजेंद्र प्रसाद को महात्मा गांधी के प्रमुख अनुयायियों में से एक थे । उनका व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद न्यायविद और देश के कुशल राष्ट्रपति और सादगी के प्रतीक थे। सदर अस्पताल के एसीएमओ डॉ के एन सिन्हा ने कहा कि देश रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद एक अच्छे शिक्षाविद भी थे । उनके किए गए कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। सदर अस्पताल के डीएस डॉ अरुण कुमार ने कहा कि देश रत्न डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद गांव के पुराने रीति रिवाज को देखते हुए ” हिन्दू _मुस्लिम मित्रों के साथ” कबड्डी खेलने का बचपन भी प्रासंगिक है और उनकी शादी भी 12 वर्ष की उम्र में ही हुआ जो आज भी उनका विवाह ऐतिहासिक है। डॉ राजेंद्र प्रसाद का यादें पठन पाठ को लेकर शिक्षक ने उनका शिक्षा को चुनौति के रूप में स्वीकार किया। वह उक्ति ” एग्जामिनी इज द वेटर दैन एग्जामिनर ।दंत रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रतीक ने बताया कि प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जिला भोजपुर और बक्सर जिले के सवर्गीय सच्चिता बाबू की यादें भी आजाद भारत की संविधान निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई जो ऐतिहासिक है।
अंत में मंच संयोजक सह जदयू नेता डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद सिंह चंद्रवंशी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन सेनानी डॉ राजेंद्र प्रसाद अपने राष्ट्रपति काल में एक सुयोग्य प्रशासक , महात्मा गांधी के सहयोगी बन कर नैतिक मूल्यों की रक्षा नीति ,नैतिकता और आजाद भारत के सजग प्रहरी बन कर आधुनिक भारत देश के निर्माणकर्ता के रूप मे अहम भूमिका निभाई जो ऐतिहासिक पुरुषों में प्रासंगिक हैं। प्रमुख लोगों में पप्पू जी, ललन कुमार,रणधीर कुमार,सुदर्शन राम, दिलीप पाठक,मो इस्लाम, सुरेंद्र पासवान, शशि भूषण चंद्रवंशी, मुना जी,कौशल किशोर, राहुल कुमार,अजय कुमार, संजीव कुमार,रंगीला राम,राम प्रवेश राम मौजूद रहे।
