
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)21 मई।एम.एम. महिला कॉलेज, आरा के वनस्पति एवं जन्तु विज्ञान विभाग द्वारा “अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस” पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस वर्ष का थीम था थीम योजना का हिस्सा बनें। यह समस्त मानव समुदाय को जैव विविधता संरक्षण में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करती है।
अध्यक्षीय संबोधन में कॉलेज की प्राचार्या प्रो. मीना कुमारी ने कहा कि “जैव विविधता केवल पर्यावरण से जुड़ा विषय नहीं है, यह मानव अस्तित्व और जीवनशैली से सीधा संबंध रखता है। इसे संरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. विकास चंद्र, प्राध्यापक, महाराजा कॉलेज, आरा उपस्थित थे। उन्होंने अपने सारगर्भित व्याख्यान में कहा, “जैव विविधता का क्षय मानव जाति के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। हमें प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को सीमित कर टिकाऊ विकास की दिशा में सोचना होगा।”
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राखी सिंह, विभागाध्यक्ष, प्राणीशास्त्र विभाग, ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया। उन्होंने जैव विविधता के शैक्षणिक और सामाजिक पक्षों को भी रेखांकित किया।सेमिनार में छात्राओं ने पोस्टर प्रजेंटेशन, निबंध लेखन, और पर्यावरणीय शपथ जैसी गतिविधियों में भाग लिया। छात्राओं ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से मधुरी कुमारी, अमृता कुमारी, कोमल कुमारी, श्रेया कुमारी, नैन्सी, वैभवी तिवारी एवं अंकिता कुमारी आदि रही। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अंकिता कुमारी को प्रथम, नैन्सी को द्वितीय तथा वैभवी तिवारी एवं मधुरी कुमारी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। अंत में, डॉ.राजबाला द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।इस अवसर पर कॉलेज की बर्सर डॉ. सुप्रिया झा, एन.एस.एस. प्रभारी डॉ. स्मृति चौधरी, डॉ. सादिया हबीब, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. कुमारी शिल्पा, डॉ. रजनी नवसरिया, डॉ. शिखा, डॉ. निवेदिता तथा डॉ. अमरेश के अतिरिक्त डॉ. अंजू कुमारी, डॉ. आशा, डॉ. नेहा वर्मा, डॉ. राघव एवं अमरजीत मिश्रा उपस्थित रहे।
