
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 16 जुलाई।आज भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद अटारी जोन-4 पटना के निर्देशन में पीरो प्रखण्ड के भड़सर गांव में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा 100 दिन की कार्य योजनान्तर्गत प्राकृतिक खेती विषयक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र, के कृषि वैज्ञानिक डॉ. राम नरेश और डॉ. सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि रासायनिक उर्वरक के लागातार अधिक प्रयोग से भूमि में उपस्थित जीवाणु एवं फसलों सेपोषक तत्च गायब हो रहे है और भूमि की उर्वरा शक्ति दिन पर दिन कम होते जा रही है रसायनों के अधिक प्रयोग होने के कारण किसान मित्र कीट भी कम होते जा रहे हैं । जिसका जिसके कारण हमारी भूमि की उत्पादकता कम हो रही है । देशी गाय के गोबर, गौमूत्र, बेसन, पीपल के पेड़ के नीचे की मिट्टी से बीजामृत, जीवामृत, धन जीवामृत और साथ ही निमास्त्र ब्रह्मास्त्र और दसर्पनी अर्क को बनाने की विधि और प्रयोग करने की विधि बताई जिससे किसान भाई फसल उत्पादन और फसल सुरक्षा प्राकृतिक रूप से हो सके । इन सभी उत्पादों का प्रयोग करके भूमि में सूक्ष्म जीवाणुओं की उपलबधता को बढ़ाकर मृदा उर्वरता को बढ़ाकर पोषक तत्व से परिपूर्ण अनाज, फल और सब्जी का अच्छा उत्पादन ले सकते है और अंत में वैज्ञानिकों ने प्रतिभागियो को प्राकृतिक खेती से मोटे अनाजो के उत्पादन पर विस्तृत प्रकाश डाला ।

