
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)29 अप्रैल।एच.डी. जैन कॉलेज,आरा के सभागार में आइसा जैन कॉलेज इकाई का 7वां यूनिट सम्मेलन बड़े उत्साह और जोश के साथ संपन्न हुआ।इसका उद्घाटन प्राकृत विभागाध्यक्ष डॉ. डी.एन. चौधरी ने किया।मुख्य अतिथि के रूप में अगियांव विधायक शिवप्रकाश रंजन, मुख्य वक्ता अगियांव के पूर्व विधायक मनोज मंजिल, विशिष्ट अतिथि के रूप में आइसा राज्य सचिव सबीर कुमार, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. तबस्सुम बनो, राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर डॉ. चिंटू कुमारी, इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति रंजन, और कॉमर्स विभाग के डॉ.अल्ताफ मलिक उपस्थित थे।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सामाजिक और शैक्षिक मुद्दों पर जागरूक करना, नफरत की राजनीति के खिलाफ एकजुटता को मजबूत करना, और नई शिक्षा नीति (एनईपी) के खिलाफ आवाज बुलंद करना था। मुख्य अतिथि शिवप्रकाश रंजन ने कहा, “आज का समय हमें एकजुट होकर नफरत और विभाजन की राजनीति के खिलाफ लड़ने की मांग करता है। छात्र शक्ति ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।”
मुख्य वक्ता मनोज मंजिल ने कहा “नई शिक्षा नीति शिक्षा को निजीकरण की ओर ले जा रही है, जो गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए हानिकारक है।
सबीर कुमार ने छात्रों को संगठित होने का आह्वान करते हुए कहा, “आइसा हमेशा से छात्रों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए लड़ता रहा है। यह सम्मेलन हमारी इस लड़ाई को और मजबूत करेगा।
जैन कॉलेज इकाई की 19 सदस्यीय नई कमिटी का गठन किया गया। चंदन दास को अध्यक्ष, विवेक यादव को सचिव, और नीतू यादव को सह-सचिव चुना गया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष चंदन दास ने आइसा के कार्यों और उपलब्धियों पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें संगठन की छात्र हितों और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।कार्यक्रम का संचालन आइसा के पूर्व अध्यक्ष सनोज चौधरी ने किया।
उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति और विचारों ने श्रोताओं को प्रेरित किया। मौजूद नेताओं रौशन जी, जयशंकर जी, अनूप जी, संजय साजन, सुगन, बिक्की, अजित, आयुष सन्नी देवल ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।जैन कॉलेज इकाई पिछले कई वर्षों से छात्रों के हितों और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। यह सम्मेलन संगठन की इस प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का एक कदम है।
