
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)29 अप्रैल। सोमवार को इतिहास विभाग,महंथ महादेवानंद महिला महाविद्यालय आरा के तत्वावधान में इतिहास विभाग सेमेस्टर 4 के आन्तरिक परीक्षा अन्तर्गत “लोक माता अहिल्याबाई होलकर” पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में इतिहास विभाग अध्यक्ष प्रो राजीव कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्या सहित इतिहास विभाग के सभी शिक्षिकाओं और शिक्षकों द्वारा महारानी अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि के द्वारा किया गया। उसके बाद स्वागत गान हुआ। प्रधानाचार्या प्रो. मीना कुमारी ने पुण्य श्लोका अहिल्याबाई होलकर को स्मरण करते हुए उनके जीवन वृत्त को विस्तार से रखा। इन्होंने बताया कि विपत्तियों में भी धैर्य रखकर सेवा के माध्यम से इतिहास बनाया जा सकता है।
मुख्य वक्ता प्रो राजीव कुमार ने अहिल्याबाई होलकर के बारे में बताया की बाल्यकाल में शादी हुई, कुछ ही वर्षों महारानी ने पति, पुत्र और श्वसुर को खो देने के बाद
भी दृढ़ता के साथ इन्दौर का शासन न्यायपूर्वक और प्रजा की भलाई करते हुए सफल शासक बनी। इन्होंने प्रजा के लिए सुशासन एवं न्याय स्थापित किया। शासनकाल में सड़क पूल सिंचाई की व्यवस्था सुरक्षा शांति व्यवस्था की व्यवस्था की। मंदिर और धर्मशालाओं का निर्माण, शिक्षा और कला को भी खूब आगे बढ़ाया।
जिसमें काशी का विश्वनाथ मंदिर और गया का विष्णुपद मंदिर भी शामिल हैं। सदैव समाज सेवा के लिए समर्पित रही।इसके बाद छात्राओं ने अहिल्याबाई पर नृत्य नाटक भी प्रस्तुत किया तत्पश्चात छात्राओं ने अपना-अपना पत्र प्रस्तुत करते हुए अहिल्याबाई द्वारा किये गये कार्यो को उद्धृत किया। विभागाध्यक्ष प्रो.राजीव कुमार के धन्यवाद ज्ञापन से कार्यक्रम समाप्त हुआ।
