
RKTV NEWS/पटना(बिहार)29 मार्च। बिहार प्रदेश कांग्रेस (एस.सी.विभाग) के प्रवक्ता एवं बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल (यूथ ब्रिगेड) के पूर्व अध्यक्ष आदित्य पासवान ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसौढ़ी में बतौर चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में कार्यरत डा० सत्येन्द्र नारायण मोहन पासवान के साथ उसी स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डा० रामानुजम सिंह एवं अन्य कर्मचारियों द्वारा बुरी तरह से मार-पीट करने तथा जाति सूचक शब्दों के साथ गाली-गलौज करने की दुखद घटना को तीन महीने बीत जाने के बावजूद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर खेद व्यक्त किया है, तथा कहा है कि नितीश कुमार की सरकार में दलितों को स्वाभाविक रूप से न्याय मिलना दूभर हो गया है. दलित उत्पीडन के अनेक मामलों में मेरे द्वारा व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने एवं आंदोलनात्मक कार्रवाई करने के उपरान्त ही सरकारी व्यवस्था जागती है।बिहार के डी.जी.पी. महोदय ने भी हाल ही में पुलिस में लुप्त हो चुकी संवेदनहीनता को लेकर अपने अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण-सह-संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन करा कर उन्हें नसीहत दी है। किन्तु दलितों को न्याय सुनिश्चित कराने की दिशा में यह दिखावा मात्र साबित हो रहा है।पुलिस अनुसन्धान में पीड़ित दलित डॉक्टर के मामले में लगाये गए सभी आरोप सत्य पाए गए हैं, तथा इसको लेकर नामित आरोपियों के विरुद्ध आरोप-पत्र भी दाखिल कर दिया गया है, किन्तु अपनी राजनीतिक एवं प्रशासनिक पहुँच के बल पर आरोपी आज भी छुट्टा घूम रहे हैं।यह पुलिस की संवेदनहीनता एवं निष्क्रियता की पराकाष्ठा है. मैं सरकार से पीड़ित डॉक्टर के लिए त्वरित न्याय की मांग करता हूँ।
