
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)21 मार्च। स्थानीय वीर कुंवर सिंह स्टेडियम,रमना मैदान में भव्य भोजपुरी महोत्सव 2025 का आयोजन किया गया। यह महोत्सव कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन भोजपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी, भोजपुर तनय सुल्तानिया, उप विकास आयुक्त डॉ. अनुपमा सिंह, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी,अनुमंडल पदाधिकारी,आरा सदर एवं अन्य अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद स्थानीय स्कूली छात्र-छात्राओं एवं कलाकारों द्वारा शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने कहा कि भोजपुर जिले में पहली बार जिला प्रशासन द्वारा भोजपुरी महोत्सव का आयोजन किया गया है। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य भोजपुरी भाषा और इसकी समृद्ध कला शैली को नई पहचान देना है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी किसी परिचय की मोहताज नहीं है, लेकिन इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हमें इसे अपने दैनिक जीवन में अधिक से अधिक अपनाना होगा।
महोत्सव के अवसर पर विभिन्न विभागों और संस्थानों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जिनमें शिक्षा विभाग, नमामि गंगे, जीविका, उद्योग, सुधा डेयरी, चित्रकारिता/पेंटिंग और खान-पान आदि शामिल थे। नमामि गंगे के स्टॉल पर युवाओं के लिए विशेष आकर्षण रहा, जहां रोचक पुस्तकों और कॉमिक बुक्स का नि:शुल्क वितरण किया गया। इस दौरान स्थानीय कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भोजपुरी भाषा की समृद्धि, इसकी भावनात्मक गहराई और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया। कवि सम्मेलन में ओमप्रकाश मिश्र, दीपक सिंह, राकेश गुडू ओझा, शालिनी ओझा, रूपेंद्र मिश्र एवं विकास कुमार पांडेय ने अपनी प्रभावशाली काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
संध्या सत्र में भोजपुरी भाषी जिलों और स्थानीय कलाकारों द्वारा भोजपुरी संगीत और नृत्य की मोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने दर्शकों का मन मोह लिया। संपूर्ण वातावरण भोजपुरी लोकगीतों और नृत्य से सराबोर हो गया। कार्यक्रम का समापन प्रशस्ति पत्र वितरण के साथ हुआ, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन प्रभारी प्राचार्य कंचन कामिनी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अनुप्रिया ने दिया।
इस अवसर पर जिला लोक शिकायत पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी आरा सदर, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला अल्पसंख्यक पदाधिकारी, प्रभारी कल्याण पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, जिला परियोजना पदाधिकारी (नमामि गंगे) सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
