
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)08 मार्च।बिहार निर्माता एवं संविधान सभा के प्रथम अध्यक्ष डॉ सच्चिदानंद सिन्हा की पुण्यतिथि श्री चित्रगुप्त जी सेवा समिति हाउसिंग कॉलोनी के तत्वावधान में विपिन बिहारी प्रसाद की अध्यक्षता में मनाया गया। कार्यक्रम का संचालन बिहार निर्माता डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा रचना चक्र के बिहार संयोजक विनय कुमार श्रीवास्तव ने किया।कार्यक्रम डा सिन्हा के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि से प्रारंभ हुआ।रचना चक्र के बिहार प्रभारी विनय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बिहार निर्माता एवं संविधान सभा के प्रथम अध्यक्ष डॉ सच्चिदानंद सिन्हा जी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व से नई पीढ़ी को अवगत होने की आवश्यकता है। डॉक्टर सिन्हा जी के अनवर प्रयास संघर्ष के परिणाम स्वरुप ही 22 मार्च 1912 को बिहार को एक अलग राज्य का दर्जा मिला। इन्होंने बिहार राज्य के संपूर्ण विकास हेतु विधानसभा एवं बिहार विधान परिषद एवं पटना एयरपोर्ट के निर्माण हेतु भी अपना जमीन को दान स्वरूप देकर अपनी त्याग और अपने बिहारीपन होने के मजबूत संकल्प को दोहराया।बिहार के बौद्धिक विकास हेतु पटना में अपनी निजी जमीन में सिन्हा लाइब्रेरी की स्थापना की।इन्होंने कहा कि हर वर्ष 22 मार्च को बिहार सरकार बिहार दिवस का आयोजन धूमधाम से मनाती है लेकिन आश्चर्य एवं चिंता की बात है कि उसे दिन बिहार के निर्माता डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा जी को भूल जाती है जो असहनीय है। आज ऐसे विद्वान अधिवक्ता पत्रकार लेखक एवं दूरदर्शी व्यक्तित्व के धनी बिहार निर्माता डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा जी के आज पुण्यतिथि पर हम सभी को उनके त्याग बलिदान की प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
इन्होंने भारत सरकार एवं बिहार सरकार से भारत रत्न देने की मांग भी उठाई।कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन सुरेश वर्मा किया। उपस्थित लोगों में संपत सिन्हा मनोज श्रीवास्तव मणि भूषण श्रीवास्तव सतीश चंद्र श्रीवास्तव सचिन सिन्हा मनोरंजन प्रसाद आशुतोष पांडे संजय नाथ अमित श्रीवास्तव सुमन श्रीवास्तव मुकुल सिन्हा कन्हैया लाल प्रसाद इत्यादि प्रमुख थे।
