जिले के सभी अनुमंडलों ,अंचल और पंचायतों से पहुंचे आवेदक।
पूर्व के शिविर से ज्यादा कुल 620 आवेदन हुए प्राप्त।
RKTV NEWS/वैशाली(बिहार)29 जुलाई।आज जिला पदाधिकारी यशपाल मीणा और पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय द्वारा समाहरणालय परिसर में संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर भू- समाधान शिविर का उद्घाटन किया गया।
भूमि विवाद के मामलों को निबटाने के लिए आयोजित इस शिविर में वैशाली के सभी अनुमंडल, अंचल और कई पंचायत से आवेदक पहुंचे। कुल 620 आवेदन प्राप्त हुए।
इन आवेदन पत्रों में दाखिल खारिज, परिमार्जन, भूमि पर अवैध कब्जा तथा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण संबंधी मामले शामिल हैं।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी यशपाल मीणा ने कहा कि बिहार सरकार और जिला प्रशासन भूमि संबंधी मामलों के समाधान के लिए कृतसंकल्प है। सरकार द्वारा इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। प्रत्येक शनिवार को प्रत्येक थाना में भूमि विवाद के निबटारे के लिए बैठकें होती है। इसमें अंचल अधिकारी के साथ थाना अध्यक्ष शामिल रहते हैं।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा पहले भी भू-समाधान शिविर लगाया जा चुका है, जिसमें 315 आवेदन प्राप्त हुए थे और उनका निष्पादन हुआ।
उन्होंने कहा कि आम लोगों के बीच एक सामान्य धारणा है कि थाना पर जाएंगे तो भूमि विवाद सुलझ जाएगा। लेकिन उन्हें यह पता होना चाहिए कि किसी भी भूमि विवाद को सुलझाने के लिए अंचलाधिकारी या राजस्व पदाधिकारी को आवेदन देना है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जुलाई के प्रथम पक्ष में सभी पंचायत के हल्का में राजस्व कैंप लगाया गया, जिसमें भूमि से जुड़े 17 हजार से अधिक मामलों को निष्पादित किया गया।
उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय से प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी की उपस्थिति ली जाती है, ताकि वे समय पर पहुंच कर आम जनों के कार्य को निष्पादित कर सकें।
उन्होंने कहा कि सभी लोग हल्का कर्मचारी से ही कार्य के लिए संपर्क करें। आपस में सुलह कर भी विवाद निबटाएं।
उन्होंने अपर समाहर्ता को निर्देश दिया कि जितने भी हल्का कर्मचारी हैं, उनकी सूची संपर्क नंबर के साथ अंचल अधिकारी के कार्यालय में लगवाया जाए। उन्होंने कहा कि गलती करने वाले दोषी कर्मचारी दंडित होंगे। अभी तक 10 राजस्व कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है।
पुलिस अधीक्षक श्री हर किशोर राय ने कहा कि भूमि विवाद के मामलों में जन जागरूकता आवश्यक है। जागरूकता और जानकारी के अभाव में लोग कभी थाने का चक्कर लगाते हैं। कभी इधर-उधर भटकते रहते हैं। भू-समाधान कैंप एक सार्थक पहल है। इसके माध्यम से उन्हें ज्ञात हो सकेगा की भूमि संबंधी विवाद के निपटारे के लिए कहां जाना है और कहां नहीं जाना है।
उन्होंने कहा कि अगर आप अपने अहंकार को किनारे कर दें और सुलह समझौते के लिए मानसिक रूप से तैयार हो जाए तो ढेर सारे विवाद स्वतः सुलझ जाएंगे।
इसके पहले सुबह 10 बजे से ही समाहरणालय स्थित कैंप में आवेदकों की लंबी कतार लगने लगी थी। वे रजिस्ट्रेशन के बाद अपने अंचल के काउंटर पर जा रहे थे। कैंप 5:30 बजे तक चला। इसमें कुल 620 आवेदन प्राप्त हुए।
जिला पदाधिकारी यशपाल मीणा ने बताया कि हमलोग जिला मुख्यालय में एक कॉल सेंटर बना रहे हैं। सभी आवेदकों का कांटेक्ट नंबर ले लिया गया है। समाधान की दिशा में कार्रवाई शुरु हो गई है। कॉल सेंटर से एक सप्ताह बाद एक-एक कर सभी आवेदकों के पास कॉल जाएगा।पूछा जाएगा, उनकी समस्या का समाधान हुआ या नहीं। फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिविर में डीएम, एसपी के साथ एडीएम, डीपीआरओ, ओएसडी, जिला राजस्व शाखा के प्रभारी पदाधिकारी, सभी एसडीएम, एसडीपीओ, डीसीएलआर,सभी अंचलाधिकारी तथा सभी थाना प्रभारी मौजूद थे।


