जीविका तथा सेंटर फॉर कैटलाइजिंग चेंज (सी 3) के द्वारा किया गया आयोजन।
संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकार को धरातल पर लाना हमारा लक्ष्य: हिमांशु शर्मा
सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बन उभरा हैं जीविका दीदी अधिकार केंद्र: अभिलाषा शर्मा
जीविका दीदियों ने लिंग आधारित हिंसा तथा महिला अधिकारों संबंधी मुद्दों पर साझा किए अपने अनुभव और विचार।
“कोमल है पर कमजोर नहीं” का नारा किया बुलंद।
RKTV NEWS/पटना (बिहार)03 मार्च।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को पटना के एक होटल के सभागार में “जीविका दीदी अधिकार केंद्र: शक्ति और समाधान विषय पर जीविका तथा सेंटर फॉर कैटलाइजिंग चेंज (सी 3) के द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका, हिमांशु शर्मा, अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका अभिलाषा कुमारी शर्मा,निदेशक, जीविका रामनिरंजन सिंह, डॉ. अपराजिता गोगोई, कार्यकारी निदेशक, (सी 3), आयुषी दुबे, शोधार्थी, चाणक्य कानून विश्विद्यालय तथा जीविका दीदी अधिकार केंद्र के समन्वयक जीविका दीदियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके किया गया।
कार्यशाला“महिलाओं को सशक्त बनाने और लैंगिक समानता की दिशा में जीविका दीदी अधिकार केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका” विषय पर आधारित रही ।
इस विषय पर अपने संबोधन में हिमांशु शर्मा, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका ने कहा कि जीविका स्वयं सहायता समूहों और संघों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने और लिंग आधारित विषयों पर संवेदनशीलता को प्रेरित करते हुए इस क्षेत्र में विभिन्न और महत्वपूर्ण कार्य कर रही है । उन्होंने कहा कि लिंग आधारित मुद्दों पर कार्य करते हुए जीविका ने बहुत दूर तक का सफर तय किया है, लेकिन आज भी अनेक पहलुओं पर नजर रखने और उसपर जोर–शोर से समेकित रूप से कार्य करने की आवश्यकता है। हमारे समाज में लिंग आधारित मुद्दों पर कार्य करना दूसरे विषयगत कार्यों की अपेक्षा कठिन है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर वर्षों से परिवार तथा समाज में निहित सामाजिक और सांस्कृतिक धारणाओं को चुनौती प्रदान करना होता है। आगे संबोधित करते हुए हिमांशु शर्मा ने बताया कि संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकार को धरातल पर साकार करना हमारा लक्ष्य है। इसके मद्देनजर परिवार में आज भी महिलाओं के प्रति प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से फैले भेद–भाव को दूर करने की आवश्यकता है और लिंग आधारित विषयों पर एक साझा शक्ति के साथ सामाजिक अभियान के रूप में कार्य करने की आवश्यकता है। इसके समूल उन्मूलन हेतु हम सभी को इसपर सिर्फ बात करने की हीं नहीं बल्कि अपने आचरण व व्यवहार में समाहित करने की जरूरत है।
उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मियों एवं जीविका दीदियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि लिंग आधारित हिंसा, बाल विवाह, दहेज प्रथा आदि जैसी सामाजिक कुरीतियों को पूर्ण रूप से समाप्त करने हेतु
हमें आशावान होकर इसमें सतत् रूप से कार्य करने की आवश्यकता है। जिस प्रकार से जीविका दीदियां आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं उसी प्रकार समानांतर रूप से दीदियों को सामाजिक रूप से भी पूर्ण रूपेण सशक्त करने की आवश्यकता है।
अभिलाषा कुमारी शर्मा, अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका ने अपने संबोधन में कार्यशाला के विषय विशेष पर चर्चा की और कहा कि जीविका दीदी अधिकार केंद्र के माध्यम से जीविका दीदियों को सहायता और परामर्श सेवा प्रदान किया जा रहा है। इसके द्वारा लिंग आधारित मुद्दों पर तथा महिलाओं से संबंधित अधिकारों के विषय पर जीविका दीदियों एवं अन्य महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। आज जीविका दीदी अधिकार केंद्र एक सामाजिक परिवर्तन का केन्द्र बनकर उभर रहा है। यह परिवर्तन के बयार को पूरे बिहार में प्रसारित–प्रचारित करने का काम कर रहा है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार की महिलाएं नई ऊंचाई को छू रही हैं और सामाजिक तथा आर्थिक बाधाओं को तोड़ रही हैं। हमें चाहिए कि इस अभियान में हम उनका हर संभव सहयोग दें और लिंग आधारित कुरीतियों से बिहार को मुक्त कर सकें।
मंचासिन गणमान्य अतिथियों द्वारा जीविका दीदी अधिकार केंद्र: शक्ति और समाधान पुस्तिका तथा जीविका दीदी के अधिकार केंद्र के विभिन्न प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन भी किया गया।
इस कार्यक्रम में विभिन्न जिला से आए जीविका दीदी अधिकार केंद्र की समन्वयक और सक्षमा दीदियों द्वारा जीविका दीदी अधिकार केंद्र के संचालन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर परिचर्चा की गई । जीविका दीदियों ने अपने–अपने क्षेत्र में आए लिंग आधारित हिंसा तथा महिला अधिकारों से संबंधित आए मुद्दों पर अपने विचार और अनुभवों को साझा किया। उपस्थित सभी दीदियों ने एक सुर में कहा कि हम कोमल हैं पर कमजोर नहीं।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन राम निरंजन सिंह, निदेशक, जीविका ने किया । उन्होंने लिंग आधारित मुद्दों पर किए जा रहे कार्य के लिए जीविका के योगदान तथा सी – 3 के निदेशक मंडल तथा कर्मियों की तारीफ की। उन्होंने मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका तथा अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि इनके महत्वपूर्ण दिशा–निर्देशन में जीविका लिंग आधारित विषय पर सशक्त रूप से कार्य कर रही है। निदेशक ने अपने धन्यवाद ज्ञापन के माध्यम से सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएं दी ।
मंच संचालन जीविका दीदी अधिकार केंद्र के समन्वयक जीविका दीदियों के द्वारा क्रमशः किया गया।





