
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)15 मई। गुरुवार को दुमका वन प्रमंडल द्वारा दुमका जिले के नागरिकों को एक महत्वपूर्ण सौगात के रूप में नवनिर्मित जैव विविधता पार्क “चुटोनाथ पार्क” समर्पित किया गया। चुटोनाथ मंदिर के समीप पहाड़ की तलहटी में लगभग 3.5 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित यह पार्क दुमका की प्राकृतिक सुंदरता एवं पर्यटन क्षमता को नई पहचान प्रदान करेगा।
करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से दो वर्षों में तैयार किए गए इस पार्क का उद्घाटन आज जामा विधानसभा क्षेत्र की विधायक डॉ. लुईस मरांडी द्वारा किया गया। उद्घाटन उपरांत पार्क को आम जनता के लिए खोल दिया गया, ताकि जिलेवासी एवं पर्यटक यहाँ आकर प्राकृतिक वातावरण एवं विकसित सुविधाओं का आनंद ले सकें।
यह पार्क न केवल मनोरंजन एवं पर्यटन का आकर्षक केंद्र बनेगा, बल्कि परिवार, बच्चों, युवाओं एवं सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण समय व्यतीत करने का उपयुक्त स्थल भी सिद्ध होगा। चुटोनाथ मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह पार्क विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
पार्क परिसर में संथाल हूल के वीर नायकों सिद्धू-कान्हू, चाँद-भैरव एवं फूलो-झानो की आकर्षक प्रतिमाएँ स्थापित की गई हैं, जिसके माध्यम से दुमका वन प्रमंडल द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। ये प्रतिमाएँ पार्क के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं।
पार्क में बच्चों के लिए विशेष चिल्ड्रन पार्क, सुंदर तालाब, बैठने एवं विश्राम हेतु गज़ीबो, लाइफ-साइज़ हाथी प्रतिमा, आकर्षक उद्यान एवं अन्य मनोरंजक सुविधाएँ विकसित की गई हैं। इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन हेतु ओपन ऑडिटोरियम का भी निर्माण किया गया है।
पार्क में बड़ी संख्या में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं, जिससे पूरा परिसर हरियाली एवं प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित हो गया है। बच्चों एवं युवाओं के शैक्षणिक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार के एफआरपी मॉडल भी स्थापित किए गए हैं।
आगंतुकों की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय तथा दिव्यांगजनों हेतु विशेष सुलभ शौचालय की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। दुमका वन प्रमंडल द्वारा पूर्व में विकसित दुमका पार्क एवं इको कॉटेज मसानजोर जैसी परियोजनाओं के पश्चात “चुटोनाथ पार्क” का निर्माण दुमका एवं झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह पार्क आने वाले समय में लोगों के लिए प्रकृति के निकट समय व्यतीत करने, मनोरंजन, पर्यटन एवं पर्यावरणीय जागरूकता का प्रमुख केंद्र बनेगा।
