
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)15 मई।दुमका जिले के मसलिया प्रखंड अंतर्गत हथियापाथर पंचायत के हथियापाथर गांव निवासी रघुवीर मंडल आज अपने क्षेत्र में एक सफल किसान के रूप में पहचान बना चुके हैं। कभी उनकी लगभग एक एकड़ भूमि बंजर एवं अनुपजाऊ पड़ी रहती थी। सख्त मिट्टी एवं संसाधनों की कमी के कारण खेती करना मुश्किल था, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बनी हुई थी। लेकिन मनरेगा अंतर्गत संचालित आम बागवानी योजना ने उनके जीवन में नई उम्मीद और समृद्धि का रास्ता खोल दिया।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में रघुवीर मंडल को आम बागवानी योजना का लाभ मिला। योजना के अंतर्गत आम के पौधों का रोपण किया गया तथा भूमि को कृषि योग्य बनाने की दिशा में कार्य शुरू हुआ। शुरुआत में पौधों एवं सब्जियों को जानवरों से बचाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन रघुवीर मंडल ने अपनी मेहनत और लगन से बागवानी की लगातार देखभाल की। वे प्रतिदिन पौधों की निगरानी करते और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते रहे। परिणामस्वरूप आज पूरी बागवानी हरी-भरी एवं विकसित हो चुकी है।
आम के पौधों के साथ-साथ उन्होंने मिश्रित खेती को भी अपनाया। वर्तमान में वे बैंगन, भिंडी, साग, मिर्च, झींगा एवं खीरा जैसी विभिन्न सब्जियों की खेती कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ी है, बल्कि अब परिवार को घर के उपयोग के लिए बाजार से सब्जी खरीदने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। जिससे घरेलू खर्च में भी कमी आयी है l
रघुवीर मंडल बताते हैं कि आम बागवानी से उन्हें ₹30 हजार से ₹40 हजार तक की आमदनी हो जाती है । वहीं सब्जी उत्पादन से भी नियमित आमदनी हो रही है। वर्तमान में वे प्रतिमाह लगभग ₹6 से ₹7 हजार की आय अर्जित कर अपने परिवार का बेहतर ढंग से भरण-पोषण कर रहे हैं।
जहां पहले उनकी जमीन परती और अनुपयोगी पड़ी रहती थी, वहीं आज वही भूमि सालभर फसलों और हरियाली से भरपूर रहती है। इस योजना से उनकी वार्षिक आय में लगभग ₹84 हजार की वृद्धि हुई है और उनके परिवार के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
रघुवीर मंडल की यह सफलता कहानी दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ, मेहनत और इच्छाशक्ति के साथ लिया जाए तो बंजर जमीन को भी आय एवं आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनाया जा सकता है।
