
RKTV NEWS/दुमका ( झारखंड)15 मई। गुरुवार को पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-01 दुमका अंतर्गत शिकारीपाड़ा प्रखंड में विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का निरीक्षण एवं समीक्षा की गई। इस दौरान बरमसिया पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत पंचायत स्तरीय प्लास्टिक कचरा प्रबंधन हेतु निर्मित प्लास्टिक पृथक्करण केंद्र का शुभारंभ उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी एजाज आलम की उपस्थिति में किया गया।
इस अवसर पर स्वच्छता एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि पंचायत स्तर पर प्लास्टिक पृथक्करण केंद्र शुरू होने से स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन में सहायता प्राप्त होगी।
निरीक्षण के क्रम में बरमसिया पंचायत भवन का भी अवलोकन किया गया। इस दौरान पंचायत में कैश बुक संधारण एवं अभिलेखों के रख-रखाव की समीक्षा की गई। संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वित्तीय अभिलेखों का नियमित एवं पारदर्शी संधारण सुनिश्चित करें ताकि पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्य सुचारू एवं पारदर्शी तरीके से संचालित हो सके।
इसके उपरांत अधिकारियों ने सिमानीजोर पंचायत में आयोजित “सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा” जागरूकता शिविर का निरीक्षण किया। शिविर में आमजनों को सड़क सुरक्षा नियमों, यातायात संकेतों एवं दुर्घटना से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। लोगों से हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग सुनिश्चित करने तथा यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई।
भ्रमण के दौरान शिकारीपाड़ा प्रखंड के सुंदरभलन गांव में अंगूर की खेती का भी निरीक्षण किया गया। किसानों द्वारा की जा रही वैकल्पिक एवं उन्नत खेती की सराहना करते हुए अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की खेती किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाकर बागवानी एवं नकदी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया।
साथ ही शिकारीपाड़ा पंचायत अंतर्गत गणेशपुर गांव स्थित पहाड़िया विद्यालय का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पठन-पाठन व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, साफ-सफाई, आधारभूत सुविधाओं एवं मध्याह्न भोजन व्यवस्था की समीक्षा की गई। संबंधित शिक्षकों एवं कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने, विद्यालय परिसर की स्वच्छता बनाए रखने तथा बच्चों की नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव, वार्ड सदस्य, ग्रामीणजन, जिला समन्वयक, प्रखंड समन्वयक तथा पंचायत की सभी जलसहियाएं उपस्थित रहीं।
