
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)04 जुलाई। भोजपुर जिला मुख्यालय स्थित कार्यपालक दंडाधिकारी कार्यालय में शपथ-पत्र (एफिडेविट) के निष्पादन के दौरान उत्पन्न हो रही व्यावहारिक कठिनाइयों को लेकर अधिवक्ता एवं बार एसोसिएशन, आरा के पूर्व संयुक्त सचिव प्रमोद कुमार राय ने बिहार के मुख्यमंत्री को जनहित आवेदन भेजकर पूरे राज्य में एक समान व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में राज्य सरकार के सहयोग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है।वर्तमान में कई मामलों में केवल इस आधार पर शपथ-पत्र के निष्पादन से इनकार किया जा रहा है कि शपथ कर्ता संबंधित अनुमंडल क्षेत्र का निवासी नहीं है। इससे भोजपुर सहित अन्य जिलों और प्रखंडों से आने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों, व्यवसायियों तथा विभिन्न विभागों में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अनावश्यक आर्थिक, मानसिक और समय संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि शपथ-पत्र का निष्पादन शपथ कर्ता की उपस्थिति, पहचान और शपथ ग्रहण के सत्यापन की कानूनी प्रक्रिया है। आवेदन में संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 38 का उल्लेख करते हुए पूरे बिहार में शपथ-पत्र निष्पादन के लिए एक समान, पारदर्शी और विधिसम्मत व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। श्री राय बताया की यह केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि प्रतिदिन हजारों नागरिकों की सुविधा और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस जनहित के विषय पर शीघ्र आवश्यक प्रशासनिक निर्देश जारी करेंगे, ताकि पूरे बिहार में शपथ-पत्र निष्पादन की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी, समान और नागरिक हितैषी बन सके।
