पूरे गांव में बह रही है भक्ति की गंगा, माँ काली के जयकारे से गुंजायमान हुआ मउडिहरा ग्राम।
मउडिहरा/नटवार (रोहतास) अनिल सिंह 12 फरवरी।मउडिहरा ग्रामवासियों के आपसी सहयोग से माँ काली मंदिर के जीर्णोद्धार उपरांत पंचदिवसीय श्री काली जी प्राण प्रतिष्ठा समारोह जलयात्रा के साथ आरंभ हो गया। बाजे गाजे के साथ जलयात्रा मउडिहरा स्थित माँ काली जी के नवनिर्मित मंदिर से आरंभ होकर श्री यक्षिणी धाम के लिए रवाना हुई। गाँव के सभी स्त्री-पुरूष, नवयुवक, बच्चे-बच्चियां अपार श्रद्धा के साथ कलश लेकर जलयात्रा में शामिल हुए। जूलूस में आगे आगे लगभग आधा दर्जन घुड़सवार चल रहे थे।

उनके पीछे कलश लेकर श्रद्धालु महिलाएं और पुरुष कतारबद्ध होकर चल रही थीं। उनके पीछे डीजेयुक्त वाहन था जिसपर भक्ति गीत बज रहा था जिसके लय पर नाचते हुए नवयुवक और बच्चे चल रहे थे। माइक से पप्पन ओझा दिशानिर्देश देते हुए जूलूस को नियंत्रित कर रहे थे। जलयात्रा में कार, जीप, ट्रैक्टर सहित लगभग पचास वाहन शामिल थे।
नाचते गाते हुए जलयात्रा मंडली लगभग एक घंटे उपरांत श्री यक्षिणी धाम पंहुची। वहां के ऐतिहासिक कुण्ड से कलश में जल भरने के बाद माँ यक्षिणी भवानी का दर्शन-पूजन उपरांत लगभग दो घंटे बाद जलयात्रा वापस माँ काली मंदिर पंहुची। वहां कलश स्थापित करने के बाद विधिवत प्राण प्रतिष्ठा समारोह का शुभारंभ हुआ। प्राण प्रतिष्ठा पूजन कार्य कारुष क्षेत्र के सिद्ध संत धर्म सम्राट श्री लक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज द्वारा भेजे गए पाँच पण्डितों द्वारा संपन्न करवाया जा रहा है।
जलयात्रा में ओंकारनाथ पाण्डेय, श्याम बहादुर ओझा, शशिकांत ओझा, जनार्दन ओझा, शोभनाथ ओझा, बबन ओझा, डॉ अजय ओझा, रामाशंकर पाण्डेय, लालमुनि ओझा, रासगोविंद ओझा, सत्येंद्र ओझा, उदय ओझा, मुनमुन ओझा, राजू ओझा, जगतनारायण पाण्डेय, अमृतेष ओझा, कुंजबिहारी ओझा, शैलेन्द्र ओझा, दुलर उपाध्याय, जयकुमार उपाध्याय, झूलन ओझा, राजीव रंजन ओझा, संतोष कुमार ओझा, संजय ओझा, चंदन कश्यप, छोटक ओझा, रंजीत कश्यप गायक, अजीत ओझा गायक, ओमप्रकाश ओझा, बिहारी ओझा, उतम ओझा, राहुल ओझा, नीशु ओझा, गोविंद ओझा, किसुन राम, रमाकांत पासवान, द्वारका साह, मदन साह, राजपुर पैक्स अध्यक्ष सुनीता पाण्डेय, लीलावती देवी, प्रमीला देवी, बंदना ओझा, माया देवी, आरती कुमारी सहित सैकड़ों नर, नारी, नवयुवक एवं बच्चे बच्चियां शामिल हुए। प्राण प्रतिष्ठा पूजन में दीनानाथ ओझा, व्यंकटेश ओझा एवं उनकी धर्मपत्नी निर्मला देवी मुख्य यजमान हैं।


पूरे गांव में बह रही है भक्ति की गंगा, माँ काली के जयकारे से गुंजायमान हुआ मउडिहरा ग्राम।