
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)02 जुलाई ।01 जुलाई को महंथ महादेवानंद महिला महाविद्यालय में कबीर जयंती के उपलक्ष्य में हिंदी विभाग द्वारा एक कार्यक्रम प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. नरेन्द्र प्रताप पालित की अध्यक्षता मनाया गया।कार्यक्रम दीप प्रज्जवलन तथा कबीरदास जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। स्वागत भाषण एवं मंच का संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सुधा निकेतन रंजनी ने किया। उन्होंने कहा कि कबीर के गुरुभाई पीपा कहते हैं – “जो कलिनाम कबीर ने होते, तो लोक, वेद और कलियुग मिलकर भगति रसातल देते।” कबीर इतने समय बाद भी लगातार वे हमारे बीच श्रद्धा, प्रेम, भक्ति आदि विषयों में बहस का न केवल हिस्सा हैं बल्कि लगातार हमें प्रश्न उठाने को प्रेरित करते हैं। प्राचार्य प्रो. डॉ. नरेन्द्र प्रताप पालित ने कहा कि कम पढ़े लिखे होने के बावजूद कबीर का लेखन वर्त्तमान समय में भी प्रासंगिक बना हुआ है। धार्मिक पाखंडो और आडम्बरों को दूर करने के लिए कबीर को पढ़ा जाना चाहिए. हिन्दू मुस्लिम में भेद न करते हुए उन्होंने दोनों की बुरी मान्यताओं पर समान प्रहार किया। कबीर केवल मध्यकालीन संत-कवि नहीं, बल्कि आज भी सत्य, विवेक, संवाद और मानवीय मूल्यों के सबसे बड़े मार्गदर्शक हैं।
डॉ. प्रीति कुमारी के नेतृत्व में दोहा गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें बी.ए. के सभी सत्र की छात्राओं ने भाग लिया। प्रथम स्थान पर जागृति कुमारी, द्वितीय स्थान संयुक्त रूप से जूही कुमारी और प्राची प्रिया तथा तृतीय स्थान सुनिधि ने प्राप्त किया। प्राकृत विभाग की डॉ. कुमारी शिल्पा तथा अर्थशास्त्र विभाग की डॉ. रजनी नरसरिया ने निर्णायक की भूमिका अदा कीं। डॉ. अंजू कुमारी ने गुरु के महत्व पर ध्यानाकृष्ट करते हुए कबीर के पदों से प्रेरणा ग्रहण करने की आवश्यकता पर बल दिया।
