सिविल सर्जन ने नन्हे बच्चे को पोलियो की दो बूंद पिलाकर किया अभियान का शुभारंभ।
पहले दिन बूथों पर हुआ टीकाकरण, अगले दो दिनों तक घर-घर जाकर बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक।
RKTV NEWS/चतरा ( झारखंड)28 जून।जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रवि आनंद के निर्देशानुसार जिले में रविवार से तीन दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो महाभियान का शुभारंभ किया गया। सदर अस्पताल, चतरा में आयोजित कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र प्रसाद सिन्हा ने एक नन्हे बच्चे को पोलियो की दो बूंद जीवनरक्षक दवा पिलाकर अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर एवं आजीवन दिव्यांगता का कारण बनने वाली बीमारी से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की निर्धारित खुराक अवश्य पिलाएं, ताकि कोई भी बच्चा इस जीवनरक्षक अभियान से वंचित न रह जाए।
उन्होंने बताया कि जिले में 2,20,048 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 1,209 घर-घर भ्रमण करने वाली टीकाकरण टीमों, 4,386 वैक्सीनेटर, 21 ट्रांजिट टीमों एवं 201 पर्यवेक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
अभियान के प्रथम दिन जिले के सभी निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। वहीं, जो बच्चे किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके, उन्हें अगले दो दिनों के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाएंगी। अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए सभी प्रखंड स्तरीय नोडल पदाधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों को नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
उपाधीक्षक डॉ. पंकज कुमार ने कहा कि स्वस्थ एवं पोलियो मुक्त समाज का निर्माण सभी की सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाकर इस राष्ट्रीय जनस्वास्थ्य अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
कार्यक्रम में डॉ. रमेश कुमार, डॉ. आशुतोष कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रंजीत सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक संगीता एक्का बाला, रविंद्र कुमार विश्वकर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, एएनएम, सहिया एवं अन्य कर्मी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद जीवनरक्षक दवा अवश्य पिलाएं। आपकी छोटी-सी जागरूकता आपके बच्चे को आजीवन दिव्यांगता से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

