
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड)29 मई।उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने आज रमना प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण कर सरकारी कार्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यसंस्कृति, समयपालन और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए अंचल अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारी सुबह 10:00 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित होना सुनिश्चित करें, अन्यथा उनके विरुद्ध आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त श्री मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने से सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और सौंपे गए कार्यों का निष्पादन प्रभावित होता है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। उन्होंने जिले के सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ आमजनों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
औचक निरीक्षण के दौरान प्रखंड सह अंचल कार्यालय में मौके पर अनुपस्थित पाए गए सभी कर्मियों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए उपायुक्त ने उनका एक दिन का वेतन/मानदेय अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जवाबदेही और कार्य संस्कृति को सुदृढ़ बनाने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे तथा अनुपस्थित या लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त श्री मिश्रा ने रमना प्रखंड अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र टोला जोड़वनिया का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र बंद पाया गया। सूचना मिलने पर केंद्र की सहायिका मौके पर पहुंची और बताया कि केंद्र की चाबी सेविका रंजू देवी अपने साथ लेकर जाती हैं। वहीं उपस्थित ग्रामीणों एवं नामांकित बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं होता है। ग्रामीणों के अनुसार केंद्र कभी-कभार केवल खिचड़ी बनाने के उद्देश्य से खोला जाता है, जबकि बच्चों की पढ़ाई नहीं होती और सहायिका बच्चों को केंद्र लाने के लिए भी नहीं जाती।
इसके पश्चात उपायुक्त ने रमना प्रखंड के मड़वनिया टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भी औचक निरीक्षण किया। यह केंद्र भी बंद पाया गया तथा कोई बच्चा उपस्थित नहीं था। जांच में सामने आया कि केंद्र का संचालन सेविका द्वारा अपने घर में किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य भी अधूरा पाया गया, जहां दरवाजा और खिड़कियां तक नहीं लगी थीं। केंद्र की सेविका रीता देवी द्वारा 18 मई के बाद से केंद्र में कार्य नहीं किए जाने की जानकारी मिली, जबकि सहायिका के भरोसे केंद्र संचालित किया जा रहा था। बच्चों की उपस्थिति पंजी भी संधारित नहीं थी और मौके पर सहायिका कुमारी सबिता भी अनुपस्थित पाई गई।
दोनों आंगनबाड़ी केंद्रों में गंभीर अनियमितता एवं कार्य में लापरवाही पाए जाने पर उपायुक्त श्री मिश्रा ने डीडीसी प्रेमलता मुर्मू को संबंधित दोनों सेविकाओं तथा मड़वनिया की सहायिका को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के पोषण, शिक्षा और विकास से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
