
आरा/ भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)17 जुलाई।छात्र संगठन आइसा ने आज वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बिहार के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलपति को 23 सूत्री मांगपत्र सौंपने का प्रयास किया। इस दौरान आइसा के दर्जनों नेता और सैकड़ों छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर शांतिपूर्वक राज्यपाल का इंतजार कर रहे थे।
आइसा का आरोप है कि राज्यपाल का काफिला मुख्य द्वार से बिना रुके निकल गया। न तो उन्होंने छात्रों से बातचीत की और न ही उनका मांगपत्र स्वीकार किया। छात्रों ने इसे उनकी लोकतांत्रिक मांगों की अनदेखी और छात्र समुदाय का अपमान बताया।
राज्यपाल द्वारा मांगपत्र स्वीकार नहीं किए जाने के विरोध में आइसा नेताओं और छात्रों ने काली पट्टी दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया तथा नारेबाजी की। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन की ओर बढ़े और कुलपति कार्यालय तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालांकि, छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे रहे और विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते रहे।
आइसा ने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा व्यवस्था, नामांकन, परीक्षा, परिणाम, छात्रावास, छात्रवृत्ति तथा अन्य छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से छात्रों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। इसी कारण 23 सूत्री मांगों के समर्थन में यह आंदोलन आयोजित किया गया।
आइसा ने चेतावनी दी कि यदि छात्र-छात्राओं की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन_ और राज्य सरकार की है l इस विरोध प्रदर्शन में आइसा जिला अध्यक्ष विकाश कुमार, जिला सचिव जयशंकर प्रसाद,जिला सहसचिव सचिव चंदन दास,जिला सह सचिव रौशन कुशवाहा, सह सचिव साहिल अरोरा, जिला उपाध्यक्ष राजेश कुमार, जिला सह सचिव सुमित कुमार, जिला उपाध्यक्ष अनूप कुमार, गौतम यादव, विराट,जिला उपाध्यक्ष विवेक, महिला नेत्री राज्य उपाध्यक्ष नीतू कुमारी,जिला उपाध्यक्ष मुस्कान कुमारी, जिला उपाध्यक्ष सागर पासवान ,वर्षा,हंसिका ओझा,जिला उपाध्यक्ष दीपांकर सहित दर्जनों छात्र छात्राएं शामिल थे।
आइसा ने अपना 23 सूत्री मांग पत्र इस प्रकार तैयार किया था।
1. यूजी में CGPA की अनिवार्यता पूर्णतः समाप्त कर चार वर्षीय पाठ्यक्रम पूरा करने वाले सभी विद्यार्थियों को ऑनर्स एवं रिसर्च डिग्री प्रदान करने की गारंटी की जाए।
2. पीएच.डी. उपाधि पर मिलने वाले 30 API स्कोर को पुनः लागू किया जाए।
3. बिहार सरकार के निर्देशानुसार सभी महाविद्यालयों में यूजी एवं पीजी के सभी वर्गों में छात्राओं का निःशुल्क नामांकन सुनिश्चित किया जाए।
4. नई शिक्षा नीति (NEP) वापस ली जाए तथा CBCS प्रणाली समाप्त की जाए।
5. छात्र संघ चुनाव की तिथि अविलंब घोषित कर चुनाव कराया जाए।
6. विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय परिसरों में GSCASH लागू किया जाए।
7. विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रेस (प्रिंटिंग प्रेस) की स्थापना की जाए।
8. शोधार्थियों को समय पर फेलोशिप एवं शोध सामग्री उपलब्ध कराने की गारंटी की जाएं l
9. कई वर्षों से लंबित मूल प्रमाण-पत्र, अंकपत्र एवं डिग्रियाँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाएँ।
10. विश्वविद्यालय में तकनीकी कार्यों के लिए सरकारी डेटा बैंक स्थापित किया जाए, ताकि तकनीकी त्रुटियों का त्वरित समाधान हो सके।
11. विश्वविद्यालय एवं सभी महाविद्यालयों में पर्याप्त छात्रावास (हॉस्टल) की व्यवस्था की जाए।
12. विश्वविद्यालय में पत्रकारिता, एल.एल.बी (LL.B) एवं एल.एल.एम. (LL.M.) की पढ़ाई प्रारंभ की जाए।
13. यूजी एवं पीजी के सभी विषयों में छात्रों की संख्या के अनुरूप सीटों में वृद्धि की जाए।
14.विश्वविद्यालय के विभागों सहित सभी महाविद्यालयों में छात्रों की 75% उपस्थिति के साथ नियमित रूप से वर्ग संचालन हो।
15.BET की परीक्षा प्रतिवर्ष नियमित रूप से आयोजित हो।सहित कुल 23 मांग थे l
