
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)29 मई।ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व गुरुवार को जिले भर में श्रद्धा, उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। आरा शहर के मौलाबाग स्थित ईदगाह सहित विभिन्न मस्जिदों में हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विशेष नमाज अदा कर अमन, शांति और देश की तरक्की के लिए दुआ मांगी।नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच भी आपसी सौहार्द और भाईचारे का सुंदर दृश्य देखने को मिला। लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर सेवई, दही-बड़ा, मटन बिरयानी समेत अन्य पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया और पर्व की खुशियां साझा कीं। बकरीद केवल पशु कुर्बानी का पर्व नहीं है, बल्कि यह त्याग, समर्पण और ईश्वर के प्रति अटूट आस्था का संदेश देता है। कुर्बानी का वास्तविक अर्थ अपने भीतर के अहंकार, स्वार्थ और बुराइयों का त्याग करना है तथा मानवता और प्रेम के मार्ग पर चलना है।शहर में लोग एक-दूसरे को बधाई देते और खुशियां बांटते नजर आए।आरा-भोजपुर की पहचान हमेशा से सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी संस्कृति के लिए रही है।
