
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)03 सितंबर। मंगलवार को एम एम महिला कॉलेज, आरा में मनोविज्ञान विभाग की ओर से “दैनिक जीवन में मनोविज्ञान की उपयोगिता” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और गणेश बंदना से की गई। मुख्य अतिथि के रूप में प्राचार्य प्रो० डॉ० नरेन्द्र प्रताप पालित थे। विभागाध्यक्ष डॉ सादिया हबीब ने बुके देकर उन को सम्मानित किया। अपने संबोधन में डॉ सादिया हबीब ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और मनोविज्ञान विषय की महत्ता को सहज और सरल शब्दों में बताया। बचपन से लेकर बुढ़ापे तक हर मोड़ पर मनोविज्ञान हमारे साथ रहता है। इस विषय में कैरियर बनाने की अपार संभावनाएं हैं ।
प्राचार्य प्रो नरेंद्र प्रताप पालित ने अपने संबोधन में बाल मनोविज्ञान के विभिन्न आयामों से रूबरू कराया और इस बात पर विशेष जोर दिया कि बच्चों के मनोभावों और उनकी समस्याओं को मनोविज्ञान की मदद से आसानी से समझा जा सकता है। महाविद्यालय के बर्सर और इतिहास विभाग के विभाग अध्यक्ष प्रो डॉ राजीव कुमार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए सकारात्मक मनोविज्ञान के विभिन्न पहलुओं को उनके सामने रखा और बताया कि किस तरह सकारात्मक सोच रखने से जीवन की सभी समस्याओं से लड़ा जा सकता है और समाधान भी निकलना था सकता है।
आइक्यूएसी की कॉर्डिनेटर डॉ विजयश्री ने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के सभी नियमों को भली भांति समझाया। सभी प्रतिभागी छात्राओं ने शानदार प्रस्तुति दी। प्रथम स्थान पर निधि श्रीवास्तव रही। द्वितीय स्थान दो छात्राओं शिखा पांडे और मुस्कान कुमारी तथा तृतीय स्थान पर खुशी कुमारी और कोशिकी कुमारी रही। इन छात्राओं को मेडल और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। निर्णायक मंडल के सदस्यों में डॉ विजयश्री, डॉ प्रिया कुमारी विभागाध्यक्ष होम साइंस और हिंदी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ प्रीति कुमारी रहीं। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अर्पणा कुमारी द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सुधा सिंह के द्वारा किया गया। प्रोग्राम में विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ विभा कुमारी डॉ कंचन कुमारी का सहयोग सराहनीय रहा। इस अवसर पर सभी विभागों के शिक्षक और शिक्षिकाएं भारी संख्या में मौजूद रहे।
