आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने बजट सत्र के शून्यकाल में कहा FCI में नो वर्क नो पे सिस्टम समाप्त कर डी. पी. एस. सिस्टम में अपग्रेड किया जाए।
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर)10 फरवरी।आज लोकसभा क़े बजट सत्र के शून्यकाल में आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने एफसीआई के श्रमिकों का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि श्रमिक भारतीय खाद्य निगम के पे-रोल पर है तथा निगम में रेगुलर श्रमिक है। इन नो वर्क नो पे श्रमिको का ना ही कोई मासिक गारंटी मजदूरी निर्धारित है और ना ही इनके लिए सेवा शर्तो का गठन किया गया है। ये श्रमिक वर्तमान में प्रति माह औसतन 5000 से 10000 रुपए तक मजदूरी ही अर्जित कर पाते है, जो जीवन यापन के लिए कम है।
जब श्रमिक ठेका प्रथा में थे, उस समय खाद्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गठित श्री विवेक मेहरोत्रा कमिटी ने भी इन श्रमिको को डीपीएस सिस्टम में नियोजित करने हेतू वर्ष 2007 में अनुसंशा किया था, जिसको सरकार ने पत्र दिनांक 01.10.2008 के माध्यम से स्वीकार कर लिया था, लेकिन जब श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इन गोदामो से ठेका प्रथा निषेद्ध किया गया तो वर्ष 2011-12 में इन श्रमिको को डीपीएस सिस्टम में नियोजित नही कर, नो वर्क नो पे सिस्टम में किया गया, अभी भी कोई मासिक गारंटी मजदूरी नही है और ना ही श्रमिको का कोई सेवा शर्त है।
FCI में नो वर्क नो पे सिस्टम समाप्त कर डी. पी. एस. सिस्टम में अपग्रेड करने , ठेकेदारी प्रथा खत्म करने तथा
मेडिकल सुविधा लागू करने की मांग करता हूं।

