रमना मैदान में प्रवेश शुल्क के विरोध में किया गया “10 रुपया टिकट “नुक्कड़ नाटक।
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)02 जनवरी।आरा रंगमंच द्वारा रंगकर्मी योद्धा शफ़दर हाशमी की शहादत दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि दी गई।1जनवरी की देर रात तक कुअँर सिंह मैदान में कार्यक्रम चला।कार्यक्रम की शुरुआत सभा की अध्यक्षीय मंडल रंगकर्मी उषा पांडे और आरती वर्मा संचालन रंगकर्मी डॉ अनिल सिंह ने किया।
सबसे पहले मुख्यवक्ता रंगकर्मी व सामाजिक कार्यकर्ता अशोक मानव ने अपने वक्तव्य में स्व शफ़दर हाशमी के जीवन और शहादत पर विस्तार से बोलते हुए कहा कि शफ़दर साहब की हत्या हल्ला बोल नाटक जो सरकार और समाज के गलत लोग के गलत नीतियों के ख़िलाफ़ थी के कारण हुई।शफ़दर साहब केवल नाटककार हीं नहीं अच्छे लेखक और क्रांति गीतों के रचयिता भी थे।
ततपश्चात नगर निगम द्वारा कुअँर सिंह मैदान में प्रवेश शुल्क 10 रु टिकट लगाए जाने के खिलाफ आरा रंगमंच द्वरा एक नुक्कड़ नाटक “10 रु टिकट” की भी प्रस्तुति की गई ।प्रस्तुति में प्रमुख अभिनय करने वाले कलाकारों में माँ की भूमिका में आरती, पिता (लड्डू भोपाली), लड़का( राजा), गुलशन आयोर सिपाही की भूमिका में अनिल सिंह, करण और सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका में अशोक मानव थे। इन सभी कलाकारों ने अपने बेहतरीन अभिनय के द्वारा, ये टिकट गरीब जनता और जनसाधारण पर किस तरह के एक अतिरिक्त बोझ जो बिल्कुल नाज़ायज है। जिसे आरा की जनता बरदास्त नहीं करेगी और जरूरत पड़ेगी तो इसके खिलाफ आंदोलन भी करेगी।
इस नाटक को देख शहर की हजारों जनता ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से 10 रु टिकट लगने का पुरजोर विरोध का समर्थन दिया।
सभा और नाटक के अंत मे शफ़दर साहब की श्रद्धांजलि में एक क्रांति समूह गीत चैतन्य निर्भय के नेतृत्व में गया गया।समूह में साथ देने वालों में किशन सिंह, अनिल तिवारी दीपू, साहेब लाल यादव, संजय पाल, शालनी श्रीवास्तव, प्रमुख रूप से थे।
ततपश्चात जनमित्र के सचिव बिजय मेहता ने अपने वक्तव्य और धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अपने प्रिय रंगकर्मी शफ़दर साहब की याद में उपस्थित लोगों के साथ दो मिनट का मौन
रखा।इस अवसर पर प्रमुख उपस्थित लोगों में जनमित्र संगठन के सचिव अतुल जी और कमल जी, मो• सरफराज, प्रमोद कुमार, दिनेश, अर्थ दीप, दीपू तिवारी, साहेब लाल यादव, चैतन्य निर्भय, किशन, पाल जी, बिजय सिंह, मंगल जी आदि थे।

