
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)02 जनवरी।सत्यमेव मानसिक विकास केंद्र को शुरुआत किए आज पूरे 9 साल हो गए हैं।इस सफर में कई सारी चुनौतियां आई लेकिन इस चुनौतियों से केंद्र ने बहुत कुछ सीखा और हर साल कुछ नया करने की कोशिश की। बीते 9 सालों में केंद्र द्वारा समाज में कुछ-ना कुछ बदलाव लाने की लगातार कोशिश की गई।इसमें केंद्र को हर संभव सफलता भी मिली। एक छोटी से बैनर के तले मां की हाथों से पौधारोपण कराकर होशंगाबाद, वर्तमान के नर्मदापुरम जिले में इस केंद्र को शुरु की थी। फिर भोपाल में इसे स्थाई रूप से स्थापित कर लगातार कार्य कर रही हूं। 9 सालों में यह केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने के लिए तैयार हो गया। जॉब के साथ -साथ इसे अकेली ही आगे बढ़ाती रही,मगर अब केंद्र दसवें साल में प्रवेश कर रहा है।नए साल में बहुत सारी चुनौतियां होंगी, लेकिन इन चुनौतियों के बीच केंद्र कई रणनीति के साथ बड़े पैमाने पर बेहतर करने की कोशिश में है। उक्त बातों का जिक्र सामाजिक कार्यकर्ता डॉ स्मिता ने कही।बताते चलें की स्मिता भोजपुर की रहने वाली है ,सामाजिक कार्यकर्ता तथा जीवन भर हनुमान जी का रोल अदा करनेवाले रामबाबू चौरसिया की पुत्री तथा सत्यमेव मानसिक विकास केंद्र की निदेशक है।
आगे उन्होंने बताया की इस सफर में मेरे साथ इस कार्य में साथ देने में मेरी मां, पापा और हमसफर सुमित जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन सबके विश्वास के साथ,अपने कई प्रोफेसर और क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ की विश्वास और सहयोग भी पाती रही।नए साल में हम कई संकल्पों के साथ प्रवेश कर रहे हैं। दसवें साल में हम कई नवाचार के साथ आप सबके सामने आएंगे। उम्मीद है दसवें साल में आपका सहयोग मिलेगा। केंद्र की ओर से आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। सभी की खुशहाली और बेहतर स्वास्थ्य की कामना करती हूं।


