
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)17 दिसंबर।भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय लोकोत्सव के दूसरे दिन आज आरा की सुविख्यात कथक नृत्यांगना आदित्या श्रीवास्तव एवं समूह ने भिखारी ठाकुर रचित विदेशिया नाटक प्रस्तुत किया गया। स्थानीय बस स्टैंड स्थित भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच पर इनकी शिष्या स्नेहा पांडेय, रीतिका कुमारी, सलोनी कुमारी, सिद्धि आनंद व सोमी सोनी ने अपने भाव भंगिमाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया । वही प्यारी सुंदरी की भूमिका में नृत्यांगना स्नेहा पांडेय विरह भाव से दर्शकों को भावुक कर दिया । यह नृत्य संरचना में मंगलाचारण से शुरू हुआ जो विदेशी, प्यारी सुंदरी, परिकिया व बटोही के सभी प्रसंगो को दर्शाता हुआ श्रोताओं के हृदय को तक पहुँचा । पैरो में घुंघरू की झनकार के साथ लोक वाद्यो की अनुगूंज् व शास्त्रीय वस्त्र विन्यास एवं कथक नृत्य का अंग संचालन आकर्षक रहा । आरा में इस तरह का प्रयोग एवं प्रस्तुति का यह पहला अवसर था । गुरु आदित्या श्रीवास्तव ने बताया कि नाटक रूपांतरण के अलावा इस तरह की नृत्य संरचना की प्रस्तुति नृत्य कलाकारों को भी भिखारी ठाकुर से अवगत करवाने का माध्यम होगा साथ प्रस्तुति नई पीढी के लिए सुगम होगा । इस प्रस्तुति के पूर्व में कथक गुरु बक्शी विकास ने कहा कि भिखारी ठाकुर ने विदेशिया के माध्यम से केवल सामाजिक कुरीतियों पर ही नही प्रहार किया है बल्कि विदेशिया,प्यारी सुंदरी व बटोही पात्रों के रूप में जीव से ब्रह्म को मिलाने के लिए धर्म के महत्व का भी संदेश दिया है ।
