
रामास्तुति….!
रामा रामा रामा….
दशरथनंदन रामा
सुनो प्रभुजी विनती हमार
है इस दुनियां में कष्ट अपार….
हरो प्रभुजी सब कष्ट हमारे…..
भक्ति दो, शक्ति दो….
दो अज्ञानी को ज्ञान भंडार….
विद्या दो, शक्ति दो, भक्ति दो
भरो सब भंडार हमारे….
है बालक हम तेरे, धरो सिर हाथ हमारे
जय जय राम, जय जय राम….
रामा रामा रामा…
रामा रामा रामा…
दशरथ के घर जन्में राम….
अहिल्या को प्रभुजी तुमने तारा
केवट की नौका को उबारा….
दिया मित्र-सा वरदान….
छाया जग में उजियारा…..
जय रघुनंदन जय जय राम
रामा रामा रामा…
रामा रामा रामा…
जय रघुनंदन जय जय राम
हनुमंत मिले, विभीषण मिले
लंका से सीता को उबारा…
किया फिर अयोध्या प्रस्थान
दिया भरत को अभयदान
ऐसे ही जीवन में मिले सबको मुक्ति
दे दो सब जीवों को वरदान ।
जय जय राम….
जय जय राम….
दशरथनंदन रामा
सुनो प्रभुजी विनती हमार
रामा रामा रामा, रामा रामा रामा
जय जय राम, जय जय राम
जय जय राम, जय जय राम
सीताराम सीताराम, जय जय राम, जय जय राम।
