
RKTV NEWS/नई दिल्ली 29 अक्टूबर।चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड, भारतीय चिकित्सा प्रणाली (एमएआरबी-आईएसएम), राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (एनसीआईएसएम) ने 24, 25 और 26 अक्टूबर 2024 को एनसीआईएसएम कार्यालय में आयुर्वेद प्रक्रिया पुस्तिका का मसौदा तैयार करने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया।
चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड को एनसीआईएसएम अधिनियम 2020 के अनुसार एएसयू संस्थानों के मूल्यांकन की प्रक्रिया निर्धारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयुर्वेद प्रक्रिया पुस्तिका तैयार करने का कार्य आधिकारिक तौर पर 5 सितंबर 2024 को एनसीआईएसएम के अध्यक्ष वैद्य जयंत देवपुजारी द्वारा शुरू किया गया। इसके बाद तैयारी के चरण में वर्चुअल चर्चाओं की एक सीरीज आयोजित की गई।
तीन दिवसीय कार्यशाला 24 तारीख को औपचारिक उद्घाटन सत्र के साथ शुरू हुई। कार्यशाला में भाग लेने के लिए विभिन्न आयुर्वेद संस्थानों से कुल 32 रिसोर्स पर्सन को आमंत्रित किया गया था।
बीओए के अध्यक्ष डॉ. बी.एस. प्रसाद ने उद्घाटन भाषण दिया। उन्होंने आयुर्वेद स्नातक संस्थानों और शिक्षण अस्पतालों के लिए न्यूनतम आवश्यक मानकों, मूल्यांकन और रेटिंग विनियमन 2024 की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला और प्रक्रिया पुस्तिका तैयार करने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इस संबंध में चिकित्सा मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड द्वारा की गई पहल की भी सराहना की।
एमएआरबी-आईएसएम के अध्यक्ष डॉ. रघुराम भट्ट ने अध्यक्षीय भाषण दिया। उन्होंने आयुर्वेद प्रक्रिया पुस्तिका की व्यापक रूपरेखा के बारे में श्रोताओं को जानकारी दी और बताया कि यह सभी हितधारकों के लिए कैसे लाभकारी होगी। उन्होंने कार्यशाला-पूर्व चरण के दौरान संसाधन व्यक्तियों के योगदान की भी सराहना की।
कार्यशाला का समापन एमएआरबी-आईएसएम के अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक समापन समारोह के साथ हुआ। कार्यशाला में विशेषज्ञ सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए।
