
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)20 अक्टूबर। पूर्व राज्यसभा सांसद और भोजपुर मिट्टी के प्रसिद्ध समाजसेवी ,कई दशकों से जनहित कल्याणकारी कार्य करते आ रहे हैं ।उनकी लोकप्रियता देश से विदेश तक फैली हुई है।
एसआईएस सिक्योरिटी के संस्थापक भी है।
इन्होंने अपने जन्म भूमि और कर्मभूमि भोजपुर बहियारा आरा पर कई प्रकार के स्वदेशी और देहाती व्यवसाय को बढ़ाने के लिए कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। उनमें मोटे अनाज का आंदोलन भी रहा है जो अब काफी लाभदायक सिद्ध हो रहा है। इसकी महक देहातों से लेकर शहर तक हो रही है और लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं।
डॉ.आरके सिन्हा ने बताया कि जैसे जैसे आम जनता गेहूं, चावल, चीनी, पैकेट के दूध, पेट्रोलियम उत्पादों से निर्मित तेलों के दुष्प्रभाव को समझ रहे हैं, रोगों का बढ़ता प्रकोप देख रहें हैं वैसे वैसे मोटे अनाजों के प्रति
अपना,अपने उत्पाद को बढ़ावा दे रहे हैं। रेशों वाले अनाज,फल, ताड़, खजूर, नारियल के गुड़, बैल चालित कच्चे घानी के तेल, स्वदेशी गायों के दूध, अपना कर रोग मुक्ति का सपना साकार कर रहे हैं। कीटनाशक और उर्वरक के लिए अपने कार्यकाल में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस संबंध में आवश्यक सुझाव दिए थे। जिससे जैविक कृषि और खाद का बढ़ावा सरकारी स्तर से होने लगा। आर के सिन्हा का मिलेट को बढ़ावा देने वाला अभियान न सिर्फ भारत बल्कि विदेशों में भी अभियान चल रहा है।बिहार की राजधानी पटना, भोजपुर, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, दिल्ली समेत हाल ही में सिंगापूर जैसे देशों तक मिलेट आंदोलन की गूंज सुनाई पड़ी है। उनका यह अभियान आने वाली पीढ़ीयों को स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन देने में मिल का पत्थर साबित होगा।
