
RKTV NEWS/पटना (बिहार) 29 सितंबर। निरंतर बढ़ रहे नदियों के जल स्तर को लेकर जल संसाधन विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति में जानकारी देते हुए बताया गया है की दिनांक 27.09.2024 से नेपाल प्रभाग में निरंतर वर्षापात जारी है, जिसके फलस्वरूप नेपाल प्रभाग से उद्गमित होने वाली गंडक, कोशी, महानंदा, बागमती आदि नदियों में इस मॉनसून के अधिकतम जलश्राव / जलस्तर दर्ज किया गया है।
दिनांक 28.09.2024 को अप० 10:00 बजे गंडक बराज, वाल्मीकिनगर से 5.62 लाख क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है, जो इस वर्ष दिनांक 07.07.2024 को प्रवाहित जलश्राव 4.40 लाख क्यूसेक से 1.22 लाख क्यूसेक अधिक है। फलस्वरूप छतौनी घाट एवं बगहा गेज स्टेशनों पर दिनांक 29.09.2024 को क्रमशः 94.00 मी० एवं 90.90 मी० का नया उच्चतम जलस्तर दर्ज किया गया है, जो पूर्व के उच्चतम जलस्तर से क्रमशः 0.80 मी० एवं 0.42 मी० अधिक है।
गंडक नदी के अत्यधिक दबाव के कारण दिनांक 29.09.2024 को अप० 5:00 बजे पश्चिम चम्पारण जिलान्तर्गत बगहा 1 प्रखंड में गंडक नदी के बायें किनारे पर अवस्थितं चम्पारण तटबंध कि0मी0 4.50 पर क्षतिग्रस्त हुआ है, जिसके सुरक्षार्थ युद्धस्तर पर कार्य प्रगति में है।
तटबंध क्षतिग्रस्त होने, कार्य में लापरवाही बरतने एवं जिला प्रशासन से उचित समन्वय न रखने के आरोप में निशिकांत कुमार, संबंधित कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बगहा को निलंबित कर दिया गया है।
आज 29.09.2024 को पूर्वा० 5:00 बजे कोशी बराज, वीरपुर से 6.61 लाख क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है, जो इस वर्ष दिनांक 07.07.2024 को प्रवाहित जलश्राव 3.93 लाख क्यूसेक से 2.68 लाख क्यूसेक अधिक है।
कोशी नदी में अत्यधिक जलश्राव के मद्देनजर एहतियातन आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। दिनांक 29.09.2024 को रात्रि 11.00 बजे कोशी बराज, वीरपुर पर ओभर-टॉप की स्थिति उत्पन्न हुई थी। कोशी बराज पर पानी के ओभर-टॉप के कारण सड़क एवं बराज के गेटों में Debris एवं Wooden log फंस गया था, जिसे हटा दिया गया है। पूर्वी / पश्चिमी कोशी तटबंध पर निर्मित अपेक्षाकृत कम ऊँचाई वाले स्परो पर डॉवेल बनाकर ओभर टॉपिंग को रोककर स्थल को सुरक्षित रखा गया है। पश्चिमी कोशी तटबंध के कि0मी0 39.75 पर लगभग 50 मी0 की लम्बाई में ओभर टॉपिंग के सुरक्षार्थ डॉवेल निर्माण किया जा रहा है।
गंडक एवं कोशी नदियों के निम्न प्रवाह क्षेत्र से अधिकतम जलश्राव प्रवाहित हो रहा है, जिसके फलस्वरूप निम्न प्रवाह क्षेत्रों में जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। गंडक एवं कोशी नदियों के तटबंधों पर की जा रही गश्ती के क्रम में कतिपय स्थलों पर सीपेज/पाईपिंग को चिन्हित कर एवं अन्य स्थलों पर आवश्यकतानुसार बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराते हुए स्थलों को सुरक्षित रखा जा रहा है।
नेपाल प्रभाग के जलग्रहण क्षेत्र में वर्षापात के फलस्वरूप बागमती नदी पर नेपाल में अवस्थित तटबंध दिनांक 28.09.2024 को क्षतिग्रस्त हुआ, जिससे नेपाल में पानी का फैलाव हुआ है। फिर भी दिनांक 29.09.2024 को सीतामढ़ी जिलान्तर्गत सुप्पी प्रखंड में बागमती नदी पर अवस्थित ढंग गेज स्टेशन पर नया उच्चतम जलस्तर 73.35 मी० दर्ज किया गया है, जो पूर्व के उच्चतम जलस्तर से 0.35 मी० ऊपर है।
बागमती नदी के जलश्राव एवं जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के फलस्वरूप सीतामढ़ी जिला के बेलसंड, परसौनी, बरगैनिया एवं रसलपुर प्रखंड तथा शिवहर जिला के पिपराही, पुरनहिया एवं शिवहर प्रखंड में बागमती नदी के बायें एवं दायें तटबंध पर कुल 20 अदद स्थलों पर सीपेज / पाईपिंग/रेन कट की स्थिति को समय रहते बाढ़ संघर्षात्मक कार्य करातें हुए स्थलों को सुरक्षितं रखा गया है। जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि के फलस्वरूप आज दिनांक 29.09.2024 को दोपहर 1.00 बजे सीतामढी जिलान्तर्गत बेलसंड प्रखंड में मधकौल ग्राम के निकट बागमती दायाँ तटबंध कि०मी० 37.50 पर लगभग 35 मी० की लम्बाई में क्षतिग्रस्त हुआ है। क्षतिग्रस्त भाग को सुरक्षित करने हेतु युद्धस्तर पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त दिनांक 29.09.2024 को अन्य नदियों पर भी बाढ़ 2024 अवधि के दौरान अधिकतम जलस्तर दर्ज किया गया है। कमला बलान नदी के झंझारपुर गेज स्थल पर जलस्तर 52.10 मी0 दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 2.10 मी० अधिक है। ललबेकिया नदी के गोवाबाड़ी गेज स्थल पर जलस्तर 72.70 मी० दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 1.55 मी० अधिक है। महानंदा नदी के तैयबपुर एवं ढ़ेगराघाट गेज स्थलों पर क्रमशः 66.81 मी0 एवं 37.22 मी० जलस्तर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से क्रमशः 0.81 मी0 एवं 1.57 मी0 अधिक है। कमला बलान, ललबेकिया एवं महानंदा नदी के तटबंध एवं संरचनाएँ सुरक्षित है।
दिनांक 27.09.2024 से ही सभी क्षेत्रीय अभियंता तटबंधों / संरचनाओं के सुरक्षा के दृष्टिकोण से संवेदनशील / अतिसंवेदनशील स्थलों पर कैम्प कर रहे है। सभी स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में बाढ़ संघर्षात्मक सामग्रियों का भंडारण कराया गया है। तटबंध के प्रत्येक कि०मी० पर तटबंध श्रमिकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। साथ ही आवश्यकतानुसार संवेदनशील/अतिसंवेदनशील स्थलों के बेहतर पर्यवेक्षण हेतु 07 कनीय अभियंताओं, 02 सहायक अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति भी की गयी है।
आपदा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए दिनांक 28.09.2024 से विभागीय स्तर पर प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग के नियंत्रणाधीन एवं अभियंता प्रमुख स्तर के पदाधिकारी के प्रभार में 24 घंटे एवं 03 पाली में आगामी 72 घंटों के लिये “War Room” कार्यरत है।
संभावित आपदा की स्थिति के मद्देनजर दिनांक 27-28 सितम्बर, 2024 को ही संबंधित जिला प्रशासन को सभी आवश्यक ऐहतियाती कार्रवाई करने, तटबंध के नदी भाग में आवासितों को अवगत कराते हुए यथोचित कार्रवाई करने एवं बाढ़ आपदा के लिए जिला प्रशासन के स्तर से गश्ती सुनिश्चित कराने हेतु निदेशित किया गया है। आज 29 सितंबर को प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में पुनः स्थिति एवं तैयारियों की समीक्षा की गई। सभी तटबंधों / संरचनाओं के सुरक्षार्थ सतत् निगरानी एवं चौकसी बरती जा रही है।
