
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 26 नवंबर। 76वें संविधान दिवस के अवसर पर इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया। कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा के निर्देशन एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. देवमाईत मिंज के मार्गदर्शन में कैंपस 01 स्थित राजकुमारी इंदिरा की प्रतिमा के समक्ष संविधान दिवस मनाया गया। लोक संगीत एवं कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. राजन यादव ने संविधान प्रस्तावना का वाचन किया, जिसे विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शोधार्थी-विद्यार्थियों ने दोहराया।
इस दौरान प्रो. राजन यादव ने बताया कि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अपनाया, जिसने भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य का दर्जा दिया।
संविधान ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की गारंटी देकर एकता और अखंडता को मजबूत किया।
इस अवसर पर अधिष्ठाता संगीत संकाय प्रो. नमन दत्त, अधिष्ठाता लोक संगीत एवं कला संकाय प्रो. राजन यादव व अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. देवमाईत मिंज सहित शिक्षकगण, अधिकारीगण, संगतकारगण, कर्मचारीगण, एनएसएस के स्वयं सेवक एवं अधिकारीगण तथा शोधार्थी-विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
