
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)18 जुलाई।वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय परिसर में छात्र जदयू द्वारा परीक्षा नियंत्रक को पदमुक्त एवं अन्य जांच को लेकर आमरण अनशन का कार्यक्रम चलाया जा रहा था। एक तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे तो दूसरी तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को मनाने में लगा रहा। लगातार प्रयास चलते रहा।विश्वविद्यालय में छात्रों के आमरण अनशन से शिकायतें के यत्र तत्र नए पुराने सभी शिकायतों पर चर्चा रोज बढ़ते जा रही थी जो निश्चित रूप से विश्वविद्यालय के लिए नुकसानदायक थी। इस संदर्भ में कुलानुशासक प्रो कुमार कौशलेंद्र ने बताया की छात्रों के बीच बातचीत कहते ,सुनते ,मनाने का काम चलता रहा। चुकी विश्वविद्यालय के छात्र होने के नाते सभी अपने थे ।उन्हें कुछ कहने सुनने बात करने में कोई असुविधा नहीं होती थी।लड़कों ने हमारे और कुल सचिव के रिक्वेस्ट को स्वीकार किया,सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा होती रही और अंततः आज इन्हें लस्सी और जूस पिलाकर आंदोलन को आपसी सौहार्द पूर्ण माहौल में समाप्त कर दिया गया।
प्रो कुमार कौशलेंद्र नाम बताया कि इस संबंध में सभी मांगों पर पूर्ण रूपेण विचार किया गया और सबको लिखित रूप में सहमति के बाद सूचना जारी कर दी गई है।छात्र नेताओं ने अंततः विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुरोध को स्वीकार कर लिया क्योंकि सभी छात्र विश्वविद्यालय के अनुशासन प्रिय रहे हैं, विश्वविद्यालय के विकास के समर्थक हैं,और उससे भी बड़ी बात है कि यह जदयू संचालित सरकार और पार्टी के होनहार कार्यकर्ता हैं। इस आमरण अनशन से पार्टी भी सकते में थी। सबका उद्देश्य था कि इन सभी छात्र नेताओं को सम्मानजनक स्थिति लाते हुए अनशन को समाप्त कराया और फिलहाल अनशन समाप्त हो गया है ।आगे क्या होगा यह समय बताएगा।
छात्र नेताओं की प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
