आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)12 जून।बेहद गर्म हवा और वातावरण के बढ़ते तापमान ने समस्त जीव जंतुओं पर अपना असर दिखा दिया है। लोग बेहाल लेकिन मजबूर है, इसे बर्दाश्त करना है। इस संबंध में वरीय नेत्र चिकित्सक डॉक्टर एस के रुंगटा से जानकारी ली गई।
डॉक्टर रूंगटा ने बताया कि गर्मी पड़ रही है ।तापमान 45 डिग्री तक चल रहा है, बढ़कर 48 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।शरीर के लिए यह तापमान सामान्य नहीं है ।शरीर का तापमान सामान्यतया 37 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहता है जिसे शरीर संतुलित रखने में सक्षम रहता है।लेकिन 40 डिग्री सेंटीग्रेड से ऊपर के तापमान को शरीर संतुलित नहीं रख पाता है,और जब शरीर का तापमान 40 डिग्री से अधिक होने लगे तो उसे हीट वेव या हीट स्ट्रोक कहते हैं।
डॉक्टर ने बताया कि ऐसी स्थिति में आंखों में जलन, किरकिरी, सुरसुराहट महसूस होने लगती है शरीर का पानी सूखने लगता है पेशाब कम होने लगता है। ऐसी स्थिति में ध्यान नहीं देने पर मल्टी ऑर्गन फेलियर हो सकता है और जान भी जा सकती है ।
डॉक्टर ने बताया कि ऐसी स्थिति में पानी ज्यादा पीना चाहिए ,ओआरएस का घोल भी लेना जरूरी है। खुला बदन न रहकर, स्वच्छ ,सफेद ,सूती कपड़ा पहनना चाहिए। सुबह शाम स्नान करना भी लाभदायक रहेगा ।
आंखों में धूप का चश्मा लगाकर रहना चाहिए।लुब्रिकेटिंग ड्रॉप आंख में डालना चाहिए।
डॉक्टर रूंगटा ने बताया कि हीट वेव्स से बचने के लिए सुबह शाम में ही अपना आवश्यक काम पूरा कर ले। दिन में, धूप में नहीं निकले। रास्ते में छाता का उपयोग करें। पूरे शरीर को कपड़े से ढककर रखें। बीच-बीच में पानी पीते रहे ,फल के जूस भी लाभदायक है। बिना आवश्यक काम के घर से ना निकले।
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