आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)12 जून।कृषि विज्ञान केंद्र भोजपुर और नाबार्ड भोजपुर के संयुक्त तत्वावधान मे श्रीअन्न उत्पादक किसानो के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कुल्हड़िया कोईलवर मे आयोजित हुआ। कृषको को संबोधित करते हुए डॉक्टर प्रवीण कुमार द्विवेदी, वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रधान केवीके भोजपुर ने बताया कि जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत जिले मे और विशेष तौर पर कोईलवर प्रखंड मे श्रीअन्न आधारित फसल उत्पादन कार्यक्रम को व्यावसायिक रूप भविष्य मे दिया जा रहा है।मुख्य रूप से ज्वार बाजड़ा मडुआ को लेकर यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। यह पर्यावरण संरक्षण के साथ ही आने वाले समय मे श्रीअन्न आधारित पकवानो के लिए विशेष रूप से अपनी पहचान बनाने मे सफल हो यह मुख्य उद्देश्य है।
जिले के प्रमुख जैविक खेती के अनुभवी किसान रविश रंजन ने अपने अनुभव साझा करते हुए जानकरी दिया कि इन फसलों को जैविक विधि से लगाने पर भूमि एवं जल संरक्षण बेहतर होगा। इनकी कटाई हथिया नक्षत्र के बाद हो जानी चाहिए। फसल सुरक्षा के लिए जैविक फफूंद नाशक ट्राईकोडर्मा दो किलोग्राम एक एकड़ के लिए आवश्यक होगा जिसे कंपोस्ट मे मिलाकर खेत तैयारी से पूर्व छिड़काव कर दीजिए और फफूंदीनाशक के प्रयोग से भी बेहतर परिणाम प्राप्त कर लिजिए।
कार्यक्रम के आयोजक रामनाथ ठाकुर समाजसेवी एवं अंत्योदय चेतना मंडल के सचिव ने बताया कि यह कार्यक्रम नाबार्ड भोजपुर द्वारा वित्त पोषित है जिसके अंतर्गत किसानो के मिट्टी की जांच के साथ ही उन्नत बीज तथा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी नियमित अंतराल पर आयोजित किए जा रहे है।
डॉक्टर द्विवेदी ने सलाह दिया कि खेत तैयार करते समय प्रति एकड़ एक क्विंटल बुझा हुआ चूना, तथा इतना ही सरसो या नीम खल्ली तथा थान मिल की एक टेलर राख खेत मे मिलाकर जुताई करे , साथ ही फसल को मेढ पर पुरब पश्चिम की दिशा मे कतार रखकर बुवाई करे। इससे फसल गिरने से बचाव होगा साथ ही जल जमाव से फसल सुरक्षित रहेगी।
आने वाले समय मे कुल्हड़िया मे किसान उत्पादक संगठन का गठन कर यहा प्रसंस्करण उद्योग की स्थापना के लिए भी कार्यक्रम प्रस्तावित है।
कृषि विज्ञान केंद्र भोजपुर द्वारा जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत भी इसका चयन सक्कडी के साथ किया गया है एवं विविध प्रकार की मक्का, बाजरा और धान फसल आधारित फसल उत्पादन प्रणालियों का प्रदर्शन भी बृहत स्तर पर शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। भोला सिंह, शैलेन्द्र प्रताप सिंह महावीर दत्त पाठक ने अपने विचार व्यक्त किए और सभी किसान इस कार्यक्रम को अच्छे तरह करने के लिए संकल्पित और उत्साहित दिखे।
