आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)29 मई। मंगलवार को स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर अखिल भारतीय जनसंघ के बैनर तले फ्रेंड्स कॉलोनी कार्यालय में संगोष्ठी का आयोजन किया गया ।जिसकी अध्यक्षता जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य भारत भूषण पाण्डेय ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में आचार्य भारत भूषण पाण्डेय ने कहा कि गुलामी की जंजीरों से भारत माता को मुक्त कराने में वीर सावरकर का महत्वपूर्ण योगदान है। लंदन में कानून की पढ़ाई करते समय फ्री इंडिया सोसायटी की स्थापना और क्रांतिकारी गतिविधियों का संचालन करने वाले वीर सावरकर ने ब्रितानी शासन की चूलें हिला दी थी। वे अदम्य साहस और निष्ठा के प्रतीक हैं जिन्हें एक ही जीवन में दो-दो आजीवन कारावास तथा कालेपानी की सजा काटनी पड़ी किंतु अपने प्रण और राष्ट्रनिष्ठा से वे विचलित नहीं हुए। जनसंघ उन्हें आदर्श महापुरुष मानता है और देश की सेवा के लिए उनके जीवन तथा संघर्षों से प्रेरणा लेता है। संगोष्ठी को विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए भोजपुर जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के सभापति प्रो बलिराज ठाकुर ने कहा कि हिंदू समाज में व्यापक स्तर पर सुधार तथा समाज की एकता-एकात्मता का अविस्मरणीय कार्य सावरकर जी ने किया। कारागार में बंद तथा कालापानी की कठोर यंत्रणा सहते हुए भी उन्होंने कई कृतियों की रचना की जिसमें एशेंसियल्स ऑफ हिंदुत्व जैसी कृति प्रमुख है। उनकी कविताएं और उनके साहित्य आज की पीढ़ी के लिए पाथेय बनेंगी। जनसंघ के राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य अधिवक्ता सत्येन्द्र नारायण सिंह ने कहा कि सावरकर जी ने हिंदुत्व की अवधारणा स्पष्ट करते हुए कहा था कि जिन लोगों की मातृभूमि,पितृभूमि अथवा पुण्यभूमि भारतवर्ष है वे सभी हिन्दू हैं। स्वागत भाषण मधेश्वर नाथ पाण्डेय, विषय प्रवर्तन डॉ सत्यनारायण उपाध्याय, संचालन निलेश कुमार मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन विश्वनाथ दूबे ने किया। इस अवसर पर नर्मदेश्वर उपाध्याय, अखिलेश्वर नाथ तिवारी, ब्रजकिशोर पांडेय, जनार्दन मिश्र,विश्वामित्र पांडेय, सियाराम दूबे, उमेश सिंह कुशवाहा, वीरेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, महेंद्र पांडेय आदि प्रमुख लोगों ने वीर सावरकर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
