पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 28 मई। प्रधानमंत्री जी जिसको शाहजादा कहकर उपहास उड़ाने का प्रयास करते रहे हैं, बिहार के चुनावी मैदान में उसने उनको पानी तो पिला ही दिया है। यह कहना है राजद के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी का। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने इस चुनाव में अब तक बिहार में 16 सभायें की हैं। देश में दूसरे नंबर की ताकत रखने वाले अमित शाह जी ने भी 10 सभाएं की हैं। इनके अलावा राजनाथ जी, योगी जी समेत लगभग दर्जन पर अन्य भाजपा नेताओं का चुनावी दौरा बिहार में हो चुका है। अगर चुनाव की प्रक्रिया इतनी लंबी नहीं होती तो क्या प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या अन्य भाजपा नेताओं को बिहार में इतना समय देने की गुंजाइश होती ? स्वभाविक है कि लंबे चुनाव का लाभ सत्ताधारी दल को ही मिलता है। लंबे चुनाव के समर्थन में चुनाव आयोग चाहे जो सफाई दे, हमारे यहाॅ तीन दिनों में भी चुनाव कराए गए हैं। 1980 का चुनाव अब तक का सबसे छोटा चुनाव था। उस चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी या हेराफेरी का आरोप नहीं लगा था।
देश का पहला चुनाव सबसे लंबा चुनाव रहा है। उसके वाजिब कारण थे। उस समय चुनाव कराने का कोई ढांचा देश में उपलब्ध नहीं था।
सात चरणों में होने वाले इस चुनाव में प्रधानमंत्री सहित शासक दल के नेताओं को प्रचार का भरपूर मौका मिला। इसके अलावा सरकारी पार्टी संसाधनों के मामले में विरोधियों पर हमेशा भारी रहती है। इसलिए संदेह होता है कि सत्ताधारी दल को लाभ पहुॅचाने के लिए ही चुनाव की प्रक्रिया को इतना लंबा किया गया है।
इस चुनाव में आदर्श आचार संहिता को भी तार-तार किया गया। स्वयं प्रधानमंत्री जी ने राजस्थान में मंगलसूत्र वाला जो भाषण दिया था, उस पर चुनाव आयोग का मौन रहना आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह पैदा करता है।
उन्होंने कहा कि जो भी हो, प्रधानमंत्री जी ने जिसको शाहजादा कहकर उपहास उड़ाने का प्रयास किया, उसके विरुद्ध अपनी पलटन के साथ बिहार के चुनावी मैदान में उतर कर उसकी महत्ता ही घोषित की है। उस शाहजादे ने बिहार के चुनावी मैदान में प्रधानमंत्री जी को पानी तो पिला ही दिया है। यह घोषणा है कि देश की राजनीतिक पीढ़ी तेजी के साथ बदल रही है।
