अभिलेख रख-रखाव व योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : जिलाधिकारी

कार्यालय में सीलन व अव्यवस्था देख डीएम ने जताई नाराजगी, तत्काल सुधार के आदेश।

योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुँचाने को कार्यालय परिसर में सूचना पट्ट लगाने के निर्देश

समयपालन पर जिलाधिकारी सख्त, उपस्थिति पंजिका का किया अवलोकन।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)05 सितम्बर।जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने शुक्रवार को बड़ौत विकास खंड कार्यालय का औचक निरीक्षण कर विभागीय कार्यप्रणाली का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयीन अभिलेखों के संधारण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा भौतिक परिस्थितियों पर विशेष ध्यान दिया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अभिलेखों का रख-रखाव अद्यतन, सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी तरीके से किया जाए, ताकि किसी भी समय योजनाओं की प्रगति एवं स्थिति का संज्ञान लिया जा सके। उन्होंने कहा कि विकास खंड स्तर पर संचालित योजनाओं का प्रदर्शन बैनर, फ्लेक्स एवं सूचना पट्ट के माध्यम से कार्यालय परिसर में प्रमुख स्थानों पर किया जाए, जिससे आमजन तक योजनाओं की जानकारी सुलभ हो।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर में सीलन एवं अव्यवस्था पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय का वातावरण कार्यकुशलता को प्रभावित करता है, अतः परिसर में साफ-सफाई एवं सुव्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने निर्माणाधीन प्रधानमंत्री मॉडल आवास योजना का स्थल निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता एवं संबंधित कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि कार्य को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप पूरा किया जाए।
जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका का अवलोकन कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति की स्थिति का संज्ञान लिया तथा समयपालन को अनिवार्य बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी-कर्मचारी आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु समय से कार्यालय में उपस्थित रहें और सेवा भाव से कार्य करें।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम बड़ौत भावना सिंह, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा सहित विकास खंड स्तरीय अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा कर स्वयं क्षेत्रीय भ्रमण सुनिश्चित करें, ताकि धरातल पर कार्यों का सत्यापन हो सके और आमजन को योजनाओं का वास्तविक लाभ प्राप्त हो।



