योग शरीर मन और प्रकृति से सामंजस्य रखकर निरोग रहने की एक विधा है:प्रो चंचल पांडे
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 17 मई। गुरुवार को महाराजा कॉलेज के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग की सेमेस्टर-2 (2022-24) की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस अवसर पर AEC -1 के अंतर्गत प्रोजेक्ट वर्क के तहत छात्र -छात्राओं ने योग एवं उसकी प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए। सर्वप्रथम आइ.क्यू.ए.सी. समन्वयक प्रो चंचल कुमार पांडे ने सभी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए योग एवं उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की योग भारत की ऐसी अनमोल प्राचीन पद्धति है जो शरीर एवं मन के साथ- साथ प्रकृति के साथ भी तालमेल बिठाने का गुर सिखाती है। उन्होंने कहा कि योग की कई मुद्राएं प्रकृति से जुड़ी है। योग निरोग रहने की एक विद्या है जिसको अपना कर शरीर स्वस्थ्य रहता है।
भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो संजय कुमार ने कहा कि योग से विभिन्न मानसिक विकारों का नाश होता है साथ ही यह जीवन की जड़ता समाप्त करने में सहायक है। उन्होंने छात्रों को पूरे मन से योग अपनाने की सलाह दी।
विभागाध्यक्ष डॉ.मोहम्मद नियाज हुसैन ने बतलाया कि आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में लोग विभिन्न प्रकार के रोगों से ग्रस्त हो रहे हैं ।ऐसे में योग को दिनचर्या में शामिल करना आवश्यक है।
सहायक प्रोफेसर अरुण कुमार राय ने छात्रों को बतलाया कि आज के बदलते परिवेश में जीवन शैली खान-पान, पश्चिमी देशों का प्रभाव के कारण छात्र-छात्राओं में विभिन्न प्रकार के मनोविकारों, अनिद्रा, मोटापा एवं अवसादग्रस्तता के शिकार हो रहे हैं। उनमें सुसाइडल टेंडेंसी का भी विकास हो रहा है जो कि चिंताजनक है। ऐसे में वे योग को अपने जीवन में शामिल कर इन बुराइयों से बचा जा सकता हैं। नियमित योग करने से इंडोरफिन, डोपामिन, सेरोटोनिन जैसे अच्छे हार्मोन का स्राव होता है जो अनिद्रा तथा तनाव दूर करने में सहायक होने के साथ- साथ छात्रों को ध्यान केंद्रित करने एंव अपने वातावरण के साथ जुड़ने में मददगार साबित होताहै। उन्होंने सभी छात्रों को सूर्य -नमस्कार प्रतिदिन करने की सलाह दी।
सहायक प्राध्यापक अमृतांशु ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार की योग मुद्राओं एवं उनसे होने वाले लाभों की सविस्तार से चर्चा की।छात्र-छात्राओं ने सर्वप्रथम 8 ग्रुप में बांटकर विभिन्न यौगिक मुद्राओं का प्रदर्शन करते हुए उससे होने वाले फायदे के बारे में बतलाया। इस अवसर पर उनका उत्साह देखते ही बनता था। मौके पर डॉक्टर कमलेश कुमार सिंह,डॉक्टर अरुण पांडे , विजेंद्र सिंह मौजूद रहे। समस्त कार्यक्रम को सफल बनाने में समर प्रताप सिंह, शाहिंदा फातिमा, संजीत कुमार, प्रिया, मुकुल कुमार, शैली अकबर, अंशु कुमार, सरोज कुमार सहित समस्त छात्र-छात्राओं की काफी सराहनीय भूमिका रही।


योग शरीर मन और प्रकृति से सामंजस्य रखकर निरोग रहने की एक विधा है:प्रो चंचल पांडे