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जन्मदिन पर विशेष:फिल्म तेजाब से फिल्म उद्योग की नंबर वन धक धक गर्ल बनी माधुरी दीक्षित।

प्रो अखिलेश चंद्र

आजमगढ़/उत्तर प्रदेश (प्रोफ़ेसर अखिलेश चंद्र ) 15 मई।आज ही के दिन 15 मई 1967 को माधुरी दीक्षित का जन्म माता स्नेहलता दीक्षित और पिता शंकर दीक्षित के घर में हुआ।माधुरी दीक्षित के फैन यूं तो पूरे विश्व का हिंदी सिनेमा जगत का प्रेमी है।मैंने सोचा क्यों न आज उनके कैरियर के सफर से उन्हें उनके जन्म दिन की बधाई दी जाय।राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म अबोध (10 अगस्त 1984) से अपना करियर शुरू करने वाले माधुरी दीक्षित ने यह कभी नहीं सोचा था कि उनके कैरियर की पहली फिल्म ही फ्लाफ हो जाएगी।उस समय माधुरी दीक्षित के लिए यही पर्याप्त था कि राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म है जिस बैनर ने सफलता के कितने किर्तिमान के झंडे गाड़ रखे हैं।आज से 40 वर्ष पूर्व जब यह फिल्म रिलीज हुई होगी तो माधुरी दीक्षित की पहिचान भी आज की तरह नहीं थी।अबोध के बाद माधुरी दीक्षित की लगातार 05 फिल्म असफल रही।माधुरी दीक्षित को यह भी लगने लगा कि अब उनका कैरियर शायद ही टेक ऑफ कर पाएं।इस बीच निदेशक एन चंद्रा की पारखी नजर माधुरी दीक्षित पर गई और उन्होंने अभिनेता अनिल कपूर के साथ फिल्म तेज़ाब(1988) में उन्हें साइन किया और माधुरी दीक्षित के ऊपर फिल्माए गए जावेद अख्तर के लिखे गीत “एक दो तीन”ने उन्हें रातों रात सुपरस्टार अभिनेत्री बना दिया। फिल्म तेज़ाब के रिलीज के 36 वर्ष बाद भी आज भी माधुरी दीक्षित का जलवा कायम है।इन 36 सालों में माधुरी दीक्षित ने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे लेकिन उनका स्टारडम आज भी बना हुआ है। यूं तो तेजाब के बाद माधुरी दीक्षित का करियर सफलता की सीढ़ियां चढ़ता चला गया। माधुरी दीक्षित में किसी को मधुबाला तो किसी को वहीदा रहमान तो किसी को मुमताज तो किसी को वैजयंती माला की छवि नजर आने लगी ।माधुरी दीक्षित की मुस्कान की पूरे सिनेमा जगत में धूम है।
फिल्म तेजाब की अभी सफलता का परचम पूरे फिल्म उद्योग में चल ही रहा था।इसी बीच अभिनेता निर्देशक फिरोज खान ने माधुरी दीक्षित और विनोद खन्ना को लेकर फिल्म दयावान 1988 में बनाई जिसका एक गीत आज फिर तुम पर प्यार आया है काफी लोकप्रिय हुआ और फिल्म भी खूब चली।यह गीत फिल्म के विवाद का कारण भी बना।भारतीय फ़िल्म जगत के शो मैन सुभाष गई जी की निगाह इन पर गई और इन्होंने राम लखन (1989) से माधुरी दीक्षित को स्टारडम का नया स्वाद चखाया।माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया गीत “ओ राम जी बड़ा दुख दीना तेरे लखन ने बड़ा दुख देना “ने भारतीय क्लासिकल डांस का जलवा माधुरी दीक्षित के माध्यम से पर्दे पर उतारा। इस फिल्म में उस समय के बड़े कलाकार अभिनेता अनिल कपूर,जैकी श्राफ, डिंपल कपाड़िया,अनुपम खेर, अमरीश पुरी के रूप में कई कलाकार कम कर रहे थे लेकिन सभी की निगाह माधुरी दीक्षित पर टिकी हुई थी।इस दौरान निदेशक इंद्र कुमार ने माधुरी दीक्षित को साथ लेकर अभिनेता आमिर ख़ान के साथ फिल्म दिल 1990 में बनाई जिसने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिया।इसी समय भारतीय फ़िल्म उद्योग के शोमैन सुभाष घई ने माधुरी दीक्षित के करियर में चार चांद लगा दिया। राम लखन, माधुरी दीक्षित के करियर की दूसरी सबसे सुपरहिट फिल्मों में गिनी जाती है ।बैक टू बैक तीनब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद माधुरी दीक्षित का जलवा तब से लेकर आज तक भारतीय फ़िल्म उद्योग में कायम है ।माधुरी दीक्षित ने सफलता की जो उड़ान तेजाब, राम लखन, दिल से शुरू की वह आज भी उनके करियर की मील के पत्थर के फिल्मों में शुमार है। सन 1990 से स्टारडम के साथ चलने वाला सफर अपने सफल रास्तों पर चल रहा था ।इस बीच शोमैन सुभाष घई ने फिल्म खलनायक(1993)रिलीज किया। इस फिल्म का एक गीत “चोली के पीछे क्या है” जो उस समय कुछ दिनों के लिए विवाद का भी कारण बना परंतु फिल्म खलनायक में माधुरी दीक्षित के साथ-साथ अभिनेता संजय दत्त को भी न केवल स्थापित किया अपितु एक नई पहचान भी दिया।इस फिल्म ने माधुरी दीक्षित को एक नए क्षितिज पर बेहतरीन नृत्यांगना के साथ-साथ बेहतरीन अभिनेत्री का खिताब भी दिला दिया।
माधुरी दीक्षित के स्टारडम का दौर चल ही रहा था कि इसी बीच निर्देशक इंद्र कुमार की फिल्म बेटा 1992 माधुरी दीक्षित को लेकर आ गई। इस फिल्म में अभिनेता अनिल कपूर के साथ राम लखन के बाद फिर माधुरी दीक्षित ने अपना जलवा सिल्वर स्क्रीन पर बिखेरा।इस फिल्म के गीत “कोयल सी तेरी बोली” और “धक धक करने लगा” से माधुरी दीक्षित ने धक-धक गर्ल का खीताब भी प्राप्त कर लिया। माधुरी दीक्षित का धक धक गर्ल उपनाम बन गया जो आज भी कायम है।आज भी जब भी माधुरी दीक्षित का नाम सामने आता है तो लोग उन्हें धक-धक गर्ल्स के नाम से ही पुकारते हैं। माधुरी दीक्षित की फिल्में इस समय सिनेमा हॉल में लोगों को अपना दीवाना बना रहे थे।माधुरी दीक्षित किसी भी डायरेक्टर या प्रोड्यूसर के लिए सफलता की गारंटी माने जाने लगी थी। माधुरी दीक्षित के परदे पर आते ही सिनेमा जगत के दर्शक दीवाने हो जाया करते थे ।उस समय फिल्म देखने की दीवानगी इस हद तक थी कि फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने का रिवाज चलन में चल रहा था। फर्स्ट डे फर्स्ट शो का टिकट न मिलने पर लोग टिकट ब्लैक में खरीदते थे।टिकट खिड़की पर 12:00 बजे के शो के लिए 10:00 बजे से सिनेमाघर में टिकट के लिए लाइन लगनी शुरू हो जाती थी। टिकट लेने में लोगों के कपड़े फट जाते थे।टिकट खिड़की पर लड़ाई और झगड़ा ना हो इसके लिए प्रशासन अपनी तरफ से सिनेमाघर में पुलिस की व्यवस्था करती थी। सभी उपाय करने के बाद भी यदि टिकट नहीं मिलता था तो एक के बदले दो अथवा तीन गुणा दाम देने के बाद भी लोग टिकट ब्लैक में लेते थे और सिनेमाघर में पर्दे पर माधुरी दीक्षित के आते ही या उनके ऊपर फिल्माए गए गीत पर सिक्को और नोटों की बरसात करने लगते थे। इस तरह की दीवानगी 80 से 90 के दशक में अन्य अभिनेत्री को प्राप्त नहीं था।यह वह समय था जब माधुरी दीक्षित अभिनेता के बराबर अपना फीस ले सकती थी, क्योंकि अब उनके दम पर भी फिल्म चल जाती थी।
अब बारी एक बार फिर तारा चंद बड़जात्या जी के राजश्री प्रोडक्शन की थी। फिल्म हम आपके है कौन (1994) में माधुरी दीक्षित को साथ लेकर अभिनेता सलमान खान के साथ भोजपुरी फिल्म नदिया के पार (1984)के रिमेक के साथ धमाकेदार एंट्री हुई।फिल्म नदिया के पार फिल्म के एक डायलॉग जो गूंजा (साधना सिंह) ने चंदन (सचिन) के लिए बोला था कि हम आपके हैं कौन ?को ही अपनी नई फिल्म का शीर्षक रखकर बनाया जो उस समय की एक ब्लॉक बस्टर फिल्म साबित हुई।इस फ़िल्म का गीत दीदी तेरा देवर दीवाना,माई रि माई मुड़ेर पर तेरी बोल रहा है कागा, वाह वाह राम जी जोड़ी क्या बनाई गीतों में माधुरी दीक्षित की अदाकारी की पूरी दुनियां कायल हो गई।
फिल्म साजन 1991 में आई जिसमे अभिनेता सलमान खान और अभिनेता संजय दत्त के साथ एक प्रेम त्रिकोड़ कहानी को दर्शकों ने बहुत पसंद किया।इस फिल्म के गीत देखा है पहली बार,साजन की आंखों में प्यार,मेरा दिल भी कितना पागल है ये प्यार तो तुमसे करता है,बहुत प्यार करतें हैं तुमसे सनम का फिल्मांकन भारतीय फ़िल्म दर्शक हमेशा अपने जेहन में बसा कर रख लिया है।माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया गीत जो पियानो के साथ दर्शाया गया था बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम आज भी फिल्म इंडस्ट्री का बेहतरीन फिल्मांकन है।
फिल्म अंजाम 1994 में आई जिसमें अभिनेता शाहरुख खान निगेटिव किरदार में थे।यह फिल्म माधुरी दीक्षित के कारण खूब पसंद की गई।फिल्म राजा 1995 में अभिनेता संजय कपूर के साथ आई जो बॉक्स ऑफिस पर हिट लिस्ट में शामिल थी।इस फिल्म का गीत अंखियां मिलाऊ के अखियां झुकाऊ आज भी बड़े चांव से सुना जाता है।इसी बीच फिल्म प्रेमग्रंथ 1996 भी आई।इस फिल्म में अभिनेता ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया गाना दिल देने के ऋतु आई दिल लेने की ऋतु आई का नृत्य बहुत पसंद किया गया।इस बीच यश चोपड़ा के निर्देशन में यशराज फिल्म के बैनर तले फिल्म दिल तो पागल है (1997) में आई जिसमें माधुरी दीक्षित ने अपने अलग ग्लैमर के साथ प्रस्तुति दी ।इस फिल्म में वह अभिनेता शाहरुख खान के साथ इश्क करती नजर आई। इस फिल्म में करिश्मा कपूर ने भी अपना बेहतर प्रदर्शन किया था।इस फ़िल्म का गीत दिल तो पागल है दिल दीवाना है बहुत पसंद किया गया।
अपने कैरियर के सर्वोच्च शिखर पर रहते हुए माधुरी दीक्षित ने डॉक्टर श्री राम माधव नेने से 1999 में शादी कर लिया पर भारतीय फ़िल्म उद्योग से अपने आप को जोड़े रखा। माधुरी दीक्षित के दो बेटे अरिन और रयान हैं।इस बीच फिल्म हम तुम्हारे है सनम 2002 में प्रेम त्रिकोड़ कहानी के साथ अभिनेता सलमान खान और शाहरूख खान के साथ आई जो सफलतम फिल्मों में शामिल है।इस बीच संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास (2002) में अभिनेता शाहरुख खान,जैकी श्रॉफ अभिनेत्री ऐश्वर्या राय के साथ पर्दे पर धूम मचाने के लिए माधुरी दीक्षित को लेते हुए आई। इस फिल्म में माधुरी दीक्षित द्वारा निभाया गया चंद्रमुखी का किरदार अपने आप में उनके करियर का बेहतरीन किरदार है। देवदास को देखने लोग सिनेमाघर में मात्र इसलिए जाया करते थे कि उसमें माधुरी दीक्षित का अभिनय और नृत्य बेजोड़ है।इस फिल्म का गीत डोला रे डोला मन डोला रे और हम पे ये किसने हरा रंग डाला..मार डाला,और काहे छेड़े मोहे का नृत्य के साथ भाव भंगिमा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक धरोहर है।हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का जब भी इतिहास लिखा जाएगा बिना माधुरी दीक्षित के इन फिल्मों के कभी भी पूरा नहीं हो सकता।वर्ष 2002 की यह फिल्म कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ने में कामयाब साबित हुई।आज भी जब यह फिल्म टी बी पर आती है तो अपना जलवा बिखेर कर जाती है।भारतीय फ़िल्म उद्योग ने उन्हें उनके सफल अभिनय के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया है।
एक गैप के बाद फिल्म आजा नचले 2007 में आदित्य चोपड़ा ने बनाई जो एक औसत फिल्म साबित हुई।इस फिल्म का गीत आजा नचले का नृत्य आज भी लोगो के जेहन में है। इस फिल्म का गीत मेरा झुमका उठा के लाया यार वे जो गिरा था बरेली के बाजार में,मैं तो ठुमका लगा के शरमा गई,बोली घुंघर पहना दे के मैं आ गई,मुझको नचा के नच ले,आजा नच ले नच ले मेरे यार तू नच ले।यह गीत पियूष मिश्रा जी द्वारा लिखा गया और सुनिधि चौहान जी द्वारा गाया गया और सलीम सुलेमान जी द्वारा संगीतबद्ध था।इस गीत की भाव भंगिमा माधुरी दीक्षित ने कुछ इस तरह परदे पर उतारा कि दर्शक मंत्र मुग्ध होकर बस उन्हें देखने के लिए यह फिल्म देखने जाते थे।अभी हाल में प्रदर्शित इंद्र कुमार की फिल्म टोटल धमाल 2017 उनकी सफल फिल्म साबित हुई।इसमें एक बार फिर वो अभिनेता अनिल कपूर के संग नजर आई।
माधुरी दीक्षित की अन्य फिल्म जैसे – बड़े मियां छोटे मियां,आवारा बाप,स्वाति,त्रिदेव,किशन कन्हैया,राजा,याराना,प्रेम प्रतिज्ञा,हम दिल दे चुके सनम,मृत्यु दण्ड,पुकार,वजूद,गजगामिनी,डेढ़ इश्किया,गुलाब गैंग,लज्जा,भी प्रदर्शित हुई जिसमें उन्होंने अपनी अदाकारी का जलवा कायम रखने में वो सफलता प्राप्त की।
आज माधुरी दीक्षित के जन्म दिन पर उन्हें बहुत बहुत बधाई एवम आगामी फिल्मों के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं।

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